उत्तरकाशी: दिल्ली उत्तराखंड लाइव के वरिष्ठ पत्रकार राजीव प्रताप की मौत के बाद उनके परिजन और अन्य लोग उनकी हत्या की आशंका जता रहे थे। लेकिन पुलिस प्रशासन ने इस मामले में गहन जांच के बाद हत्या की आशंका को खारिज कर दी है।
उत्तरकाशी जिले के मनेरी के निवासी पत्रकार राजीव प्रताप भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी पत्रकारिता के लिए जाने जाते थे। रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्हें कभी-कभी जान से मारने की धमकियाँ भी मिलती रहती थीं। इस कारण उनके परिवार और परिचितों में प्रारंभिक तौर पर हत्या की आशंका स्वाभाविक थी। पुलिस उपाधीक्षक जनक पंवार ने मीडिया से बातचीत में खुलासा किया कि राजीव प्रताप के शव के पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह भी पुष्टि हुई कि जिस समय राजीव प्रताप की मौत हुई, उस दौरान वे शराब के नशे में थे। सीसीटीवी फुटेज में भी राजीव प्रताप को शराब के नशे में लड़खड़ाते हुए देखा गया, जिससे वे गाड़ी को सही दिशा में नियंत्रित नहीं कर पा रहे थे।
नशे की हालत में कर रहे थे ड्राइविंग
पुलिस की जांच के अनुसार, पत्रकार राजीव प्रताप बीते 18 सितंबर की शाम लगभग 7 बजे अपने पूर्व छात्र कैमरामैन मनबीर कलूड़ा और पुलिस लाइन में तैनात आरक्षी सोबन सिंह से मिलने गए थे। इसके बाद तीनों ने देर रात तक टैक्सी स्टैंड पर शराब पी। सोबन सिंह जब वहां से जा रहे थे तो राजीव ने उन्हें वापस आने के लिए कहा। इसके बाद राजीव और सोबन सिंह बाजार में एक होटल गए, जहां उन्होंने खाना खाया। रात के करीब 11 बजे जब राजीव होटल से बाहर आए, तो सीसीटीवी फुटेज में उन्हें स्पष्ट तौर पर नशे में लड़खड़ाते हुए देखा गया। थोड़ी देर बाद सोबन सिंह भी बाहर आए और दोनों गाड़ी में बैठ गए। इस दौरान फुटेज में वाहन में केवल राजीव प्रताप ही ड्राइविंग सीट पर बैठे दिखाई दिए।
पुलिस ने खारिज की हत्या की आशंका
उसके बाद रात 11:24 बजे सोबन सिंह ने राजीव प्रताप से मोबाइल पर बात की। इसके बाद उनकी गाड़ी, बद्री तिराहा से तेखला पुल होते हुए लगभग 11:38 बजे गंगोरी पुल के पास पहुंची। इस दौरान कार में कोई अन्य व्यक्ति मौजूद नहीं था। गंगोरी पुल के पास लगे एटीएम और पेट्रोल पंप के सीसीटीवी में राजीव की गाड़ी दिखाई नहीं दी। सोबन सिंह ने पुलिस को बताया कि उन्होंने राजीव को आगे जाने से मना भी किया था, लेकिन राजीव ने उनकी बात नहीं मानी और कहा कि थोड़ी दूर जाकर वापस लौट आएंगे। सोबन सिंह ने पैदल चलकर उनका पीछा भी किया लेकिन राजीव उन्हें नहीं मिले। पुलिस का मानना है कि रात लगभग 11:40 बजे राजीव की गाड़ी गंगोरी के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई। जांच में यह भी पता चला है कि राजीव का ड्राइविंग अनुभव बहुत कम था, और वे नशे की हालत में भी थे। अंततः, पुलिस ने हत्या की आशंका को खारिज कर दिया है, लेकिन इस मामले की जांच अब भी जारी है।








