देहरादून। नए साल के साथ उत्तराखंड सरकार ने कंक्रीट माफिया, अवैध बिल्डरों और भूमाफिया के खिलाफ निर्णायक लड़ाई का संकेत दे दिया है। राजधानी देहरादून, जहां वर्षों से अवैध कालोनियों, नदी किनारे निर्माण और सरकारी भूमि पर कब्जों ने शहर की रफ्तार और पर्यावरण दोनों को बिगाड़ा, अब सख्त कार्रवाई का केंद्र बन गया है।
सरकार, प्रशासन और न्यायपालिका की संयुक्त सख्ती से यह उम्मीद जगी है कि विकास के नाम पर हो रहे बेतरतीब कंक्रीटीकरण पर अब वास्तविक लगाम लगेगी। साथ ही प्रदेश में निवेश के नाम पर रकम लेकर प्रोजेक्ट अधूरे छोड़ने, तय वादों से मुकरने व ग्राहकों को लूटकर फरार होने वाले ””कंक्रीट माफिया”” यानी बिल्डरों पर अब सरकार सख्त कार्रवाई की तैयारी कर रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर शासन व विकास प्राधिकरण ने बिल्डर गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए एक कड़ी और पारदर्शी नियमावली को लागू करने की तैयारी कर ली है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद बिल्डरों की मनमानी पर रोक लगेगी और निवेशकों को सुरक्षा भी मिलेगी। नई नियमावली में निवेशकों का पैसा एस्क्रो अकाउंट में जमा होगा व निर्माण की प्रगति के अनुसार बिल्डरों को यह पैसा किश्तों में जारी होगा।








