देहरादून: उत्तराखंड परिवहन निगम पहली बार वातानुकूलित (एसी) स्लीपर कोच बसों का संचालन करने जा रहा है। निगम द्वारा 18 बसों के अनुबंध के लिए टेंडर जारी किए गए हैं, जिनमें छह एसी स्लीपर बसें और 12 एसी डीलक्स बसें हैं। निगम द्वारा ये छह एसी स्लीपर बसें फिलहाल दो ही शहरों के लिए सञ्चालित की जाएंगी।
उत्तराखंड परिवहन निगम द्वारा पहले चरण में छह एसी स्लीपर कोच बसों का अनुबंध किया जा रहा है, जिनमें चार बसें देहरादून से कानपुर और जयपुर के लिए तथा दो बसें हल्द्वानी से जयपुर के लिए चलेंगी। इसके अलावा, परिवहन निगम द्वारा दिल्ली, आगरा, फरीदाबाद, गुरुग्राम और लखनऊ के लिए एसी डीलक्स बसों का संचालन किया जाएगा। वॉल्वो बसों की तुलना में इन टू-बाई-टू सीट वाली बसों का किराया कम होगा, इन बसों में यात्रियों को सुविधाएँ भी मिलेंगी। परिवहन निगम इन बसों के माध्यम से निजी डग्गामार बसों की सेंधमारी रोकने का प्रयास कर रहा है।
यूपी की जनरथ के सामान होगा किराया
परिवहन निगम द्वारा वर्तमान में केवल दिल्ली, गुरुग्राम, चंडीगढ़ और कटरा मार्ग पर सुपर डीलक्स वोल्वो बसों का संचालन किया तो जा रहा है, लेकिन इन बसों का किराया साधारण बसों की तुलना में ढाई से तीन गुना अधिक है। निगम द्वारा पहले दिल्ली मार्ग पर जनरथ एसी (थ्री-बाई-टू सीटर) बसों का संचालन भी किया जाता था, लेकिन लगभग पांच साल पहले अनुबंध समाप्त होते ही इनका संचालन बंद हो गया था। ऐसे में जो यात्री साधारण बस से यात्रा नहीं करना चाहते हैं, लेकिन डीलक्स वोल्वो का किराया उनके लिए भारी लगता है, उन्हें उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की एसी जनरथ बसों में ही यात्रा करनी पड़ रही है। इसके अलावा वर्तमान में देहरादून से लखनऊ, कानपुर, लखीमपुर, बरेली, दिल्ली समेत गुरुग्राम, जयपुर, आगरा, कटरा, अमृतसर आदि के लिए निजी डग्गामार बसों का संचालन भी काफी हो रहा है।
बढ़ाई जाएगी बसों की संख्या
उत्तराखंड परिवहन निगम के महाप्रबंधक (संचालन), पवन मेहरा ने जानकारी दी कि प्रारंभिक चरण में 18 बसों के अनुबंध के लिए टेंडर जारी किए गए हैं। इनमें से छह एसी स्लीपर बसें हैं और बाकी 12 एसी डीलक्स बसें हैं। ये स्लीपर बसें उत्तराखंड से जयपुर और कानपुर के लिए चलेंगी, वहीं एसी बसें दिल्ली, आगरा और अन्य शहरों के लिए संचालित की जाएंगी। यदि इन बसों के परिणाम संतोषजनक रहे तो इनकी संख्या बढ़ाई जाएगी।