नैनीताल: नैनीताल जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में हुए अपहरण प्रकरण को लेकर हुई सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने एसएसपी को कड़ी फटकार लगाई और कहा कि चुनाव के दौरान प्रशासन पूरी तरह नाकाम रहा। कोर्ट ने यहां तक टिप्पणी की—“क्यों न एसएसपी का तबादला कर दिया जाए।” अब इस मामले की अगली सुनवाई मंगलवार 19 अगस्त को होगी।
गौरतलब हो कि बीते 14 अगस्त को कांग्रेस के नैनीताल जिला अध्यक्ष राहुल छिमवाल ने हाईकोर्ट में बताया था कि उनकी पार्टी के पांच जिला पंचायत सदस्य आज सुबह जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव के लिए मतदान करने जा रहे थे। उसी दौरान कुछ लोग उन्हें जिला पंचायत कार्यालय के पास से जबरन अपहरण कर ले गए। हाईकोर्ट ने इस मामले में जिलाधिकारी वंदना चौहान और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) पी एन मीणा को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि कांग्रेस द्वारा लापता बताए गए सभी सदस्यों को कोर्ट में पेश किया जाए। लेकिन जब वे नहीं मिल पाए तो हाईकोर्ट ने नैनीताल जिले में जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव को दोबारा करने का निर्देश दिए थे। पुलिस ने इस मामले में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 140(3), 174, 221 और 223 के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
एसएसपी के पास नहीं था सवालों का जवाब
वहीं नैनीताल जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में हुए अपहरण प्रकरण के मामले में आज सोमवार 18 अगस्त को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस ने पुलिस अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। हाईकोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि खुफिया विभाग कहां था। एक दिन पहले हथियार बंद कैसे पहुंचे। इन सभी सवालों का जवाब नैनीताल एसएसपी के पास नहीं था। जिस पर चीफ जस्टिस ने कहा कि एसएसपी का तबादला कर देना चाहिए। कानून व्यवस्था चुनाव के दौरान फेल रही है। वहीं कांग्रेस ने जिला पंचायत चुनाव में री-पोल की मांग की, जिसे सरकार ने खारिज किया। कांग्रेस ने कोर्ट में 13 अगस्त की रात का सीसीटीवी फुटेज सौंपा, जिसमें किडनैपर्स और हथियारबंद लोगों के वीडियो शामिल हैं।
बीएनएस की धारा 163 लागू
इस मामले में नैनीताल हाई कोर्ट में लगातार सुनवाई जारी है। कल 19 अगस्त को इस मामले की अगली सुनवाई होगी, जिस में डीएम और एसएसपी को कोर्ट में अपना जवाब देना है। वहीं सुरक्षा के लिए कोर्ट परिसर में भारी पुलिस फोर्स और 7 प्लाटून पीएसी तैनात किए गए हैं। नैनीताल हाईकोर्ट परिसर में बीएनएस की धारा 163 लागू की गई है।