रुद्रप्रयाग: जनपद रुद्रप्रयाग के दूरस्थ क्षेत्र कालीमठ घाटी की ग्राम पंचायत कुणजेठी ने नशा मुक्ति की दिशा में एक ऐतिहासिक और सख्त फैसला लिया है। ग्राम प्रधान अनिल आर्य के नेतृत्व में आयोजित ग्राम सभा की बैठक में महिला मंगल दल और युवक मंगल दल की उपस्थिति में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि गांव में किसी भी सार्वजनिक आयोजन — चाहे शादी, सगाई या अन्य सामूहिक कार्यक्रम हो — शराब पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।
यह फैसला गांव में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति और उससे उत्पन्न सामाजिक समस्याओं को देखते हुए लिया गया। ग्राम सभा में स्पष्ट किया गया कि यदि कोई भी व्यक्ति सार्वजनिक स्थान या सार्वजनिक कार्यक्रम में शराब परोसते या सेवन करते हुए पकड़ा जाता है, तो उस पर ग्राम समिति की ओर से तत्काल ₹21,000 का जुर्माना लगाया जाएगा। ग्रामीणों ने इसे सामाजिक अनुशासन और सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा के लिए “जीरो टॉलरेंस नीति” बताया है। उनका कहना है कि नशे के कारण पारिवारिक विवाद, आर्थिक नुकसान और सामाजिक असंतुलन जैसी समस्याएं लगातार बढ़ रही थीं, जिन्हें रोकने के लिए कठोर कदम उठाना जरूरी हो गया था।









