जनपद रुद्रप्रयाग से दुखद खबर. डेढ़ साल की मासूम बच्ची को गुलदार ने बनाया अपना निवाला, जंगल में पाया गया शव

जनपद रुद्रप्रयाग से दुखद खबर. डेढ़ साल की मासूम बच्ची को गुलदार ने बनाया अपना निवाला, जंगल में पाया गया शव
प्रदेश में इन दिनों लगातार ग्रामीण इलाकों में जंगली जानवरों की चहलकदमी देखने को मिल रही है। जंगलों से अब जानवर बस्तियों की तरफ धमकने लगा है। मानव वन्य जीव संघर्ष के कई मामले राज्य से सामने आ रहे हैं। अब तक न जाने कितने निर्दोष लोगों को जंगली जानवर अपना निवाला बना चुके हैं। लेकिन उसके बावजूद भी वन विभाग के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही हैं। मानव वन्यजीव संघर्ष की दिल को दहला देने वाली घटना उत्तराखंड के
जनपद रुद्रप्रयाग से सामने आ रही है। जिसको सुनकर आप भी होश खो बैठेंगे । रुद्रप्रयाग जिले के सिल्ला-ब्राह्मण गांव में शनिवार की रात को एक गुलदार ने डेढ़ साल की मासूम बच्ची को अपना निवाला बना लिया। जी हां, गुलदार मासूम बच्ची को आंगन से पकड़ कर उठा कर ले गया और बच्ची को बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया।वहीं हादसे के बाद से पूरे गांव में हड़कंप मची हुई हैऔर हर कोई दहशत में आ रखा है। लोगों के दिलों में खौफ है। वन विभाग द्वारा लापरवाही करने का आक्रोश भी ग्रामीणों के चेहरे पर स्पष्ट झलक रहा है।हादसा बीती देर रात्रि का बताया जा रहा है। बीती देर रात को सिल्ला ब्राह्मण गांव के निवासी प्रमोद कुमार की मासूम बेटी जो सिर्फ डेढ़ वर्ष की थी वह अपने परिजनों संग आंगन में थी तभी एकाएक वहां पर गुलदार
आ धमकाऔर गुलदार ने मासूम को परिजनों के मुँख के सामने ही दबोच लिया और वहां से जंगलों की तरफ ले गया। घटना के बाद वहां हड़कंप मच गया। मासूम बच्ची के परिजनों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग भी वहां पर इकठ्ठा हुए और पूरी रात बच्ची की खोजबीन करते रहे ।देर रात को घर से काफी दूर क्षत-विक्षत हालत में बच्ची का शव पड़ा हुआ मिला।इस घटना के बाद से ही बच्ची के परिजनों के बीच में कोहराम मचा है और उसके माता-पिता का रो-रो कर बेहाल है। गांव वालों में भी हादसे के बाद से वन विभाग के प्रति आक्रोश साफ झलक रहा है। वहीं गांव वालों का कहना है कि बीते शुक्रवार को गुलदार ने इसी इलाके में एक महिला के ऊपर भी हमला किया था। जिस महिला का इलाज स्वास्थ्य सामुदायिक केंद्र अगस्त्यमुनि में चल रहा है। इसके बाद गांव वालों ने वन विभाग के सामने गुलदार से निजात पाने की गुहार लगाई थी लेकिन वन विभाग ने कोई ठोस कदम नहीं लिया और इसी लापरवाही का ही नतीजा है कि गांव में डेढ़ साल की मासूम बच्ची को गुलदार ने अपना शिकार बना डाला है। वहीं हादसे के बाद वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और वन विभाग ने एहतियात इलाके में गश्त के लिए टीम को लगा दिया है।

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