देहरादून/काशीपुर। उत्तराखण्ड में फर्जी शस्त्र लाइसेंस और अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन प्रहार” के तहत स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। देर रात काशीपुर क्षेत्र में की गई सटीक कार्रवाई में एसटीएफ ने एक अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया, जिसके कब्जे से सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल और जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं। इस अभियान के तहत अब तक कुल 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
एसटीएफ से मिली जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्त फईम अहमद (24 वर्ष), निवासी बसई चौक, हरियावाला चौराहा, थाना कुण्डा, जनपद ऊधमसिंहनगर, के पास से एक .32 बोर सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल और 9 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि अभियुक्त ने शाहजहांपुर के नाम पर फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनवाया था।
यह कार्रवाई मुख्यमंत्री के “अपराध मुक्त उत्तराखण्ड” विजन और पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ के निर्देशन में की जा रही व्यापक जांच का हिस्सा है। एसटीएफ द्वारा बाहरी राज्यों से स्थानांतरित शस्त्र लाइसेंसों की वैधता की गहन जांच की जा रही है। इसी क्रम में काशीपुर कोतवाली में 4 जून 2026 को विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसटीएफ) ने बताया कि फर्जी शस्त्र लाइसेंस और अवैध हथियारों का यह संगठित नेटवर्क कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा है। एसटीएफ इस पूरे सिंडिकेट की जड़ों तक पहुंचने के लिए लगातार कार्रवाई कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में शामिल किसी भी व्यक्ति, दलाल या हथियार आपूर्तिकर्ता को बख्शा नहीं जाएगा।
एसएसपी ने फर्जी या संदिग्ध शस्त्र लाइसेंस धारकों को चेतावनी देते हुए कहा कि वे स्वेच्छा से अपने शस्त्र और लाइसेंस के साथ एसटीएफ के समक्ष आत्मसमर्पण करें, अन्यथा सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अब तक की कार्रवाई में एसटीएफ ने राज्य के विभिन्न जनपदों में तीन मुकदमे दर्ज किए हैं, 15 अवैध हथियार और 350 कारतूस बरामद किए हैं, साथ ही बड़ी संख्या में संदिग्ध और फर्जी लाइसेंस भी जब्त किए गए हैं।
एसटीएफ ने आम जनता से अपील की है कि यदि किसी को फर्जी या अवैध शस्त्र लाइसेंस से संबंधित कोई जानकारी मिले तो तत्काल सूचना दें। सूचनाकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।









