हरिद्वार: एसएसपी नवनीत सिंह के निर्देश पर गठित पुलिस चार टीमों ने आस्था पथ मार्ग पर अज्ञात महिला के शव का मिलने के 10 दिन बाद मामला सुलझा लिया है। बुधवार को देर रात पुलिस मुठभेड़ में एक आरोपी के पैर में गोली लगी है, वहीं दूसरा आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से भाग गया।
दरअसल पुलिस को हरिद्वार-देहरादून हाईवे के किनारे आस्था पथ मार्ग पर झाड़ियों से एक महिला का शव मिला था। जिसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा, रिपोर्ट से पता लगा की महिला की हत्या गला घोंटकर की गई थी। जिसके बाद पुलिस द्वारा अज्ञात आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले जांच शुरू की गई। लेकिन मृतक महिला की शिनाख्त न होने के कारण एसएसपी नवनीत सिंह के निर्देश पर गठित चार टीमों ने खुद वादी बनकर मामले की तफ्तीश आगे बढ़ाई। पुलिस को सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद मृतका के साथ दो संदिग्ध युवक नजर आए।
मुठभेड़ में एक आरोपी को लगी गोली
पुलिस के अनुसार, बीते बुधवार को आधी रात को पुलिस टीम को उत्तरी हरिद्वार के दुधियाबंद तिराहे पर चेकिंग के दौरान बिना नंबर प्लेट की बाइक पर दो संदिग्ध व्यक्ति आते दिखाई दिए। जब पुलिस ने बाइक सवार लोगों को रोकने की कोशिश की तो उन लोगों ने पुलिस के ऊपर फायरिंग शुरू कर दी। जिसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई में आरोपियों के ऊपर फायरिंग की, जिसमें के आरोपी के पैर पर गोली लगी वहीं दूसरा आरोपी अँधेरे में मौके से फरार हो गया। पुलिस ने घायल आरोपी को गिरफ्तार कर लिया, जिसकी पहचान जिशान निवासी जिगर कालोनी, नहटौर, बिजनौर के रूप में हुई। पुलिस ने आरोपी जिशान के पास से 315 बोर का तमंचा और कारतूस बरामद किया है।
शारीरिक संबंध बनाने के बाद की हत्या
पुलिस पूछताछ में आरोपी जिशान ने अपना गुनाह स्वीकार करते हुए बताया कि वे लोग महिला कोहरकी पैड़ी क्षेत्र से चंडी चौक के पास गंगा घाट की झाड़ियों तक ले गए थे। झाड़ियों में पहले उन लोगों ने शारीरिक संबंध बनाए। बाद में महिला द्वारा तय रकम की मांग करने पर आरोपी पैसे देने से मुकर गए। जिसके बाद महिला ने दोनों आरोपियों को पुलिस में शिकायत दर्ज करने की धमकी दी, जिससे दोनों आरोपी गुस्सा हो गए। दोनों आरोपियों ने पहले महिला को बेरहमी से पीटा, उसके मुंह पर घूंसे मारे, फिर उसका गला दबाकर हत्या कर दी। इस घटना को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने साक्ष्य मिटाने और महिला की पहचान छिपाने की कोशिश की। उन्होंने शव को झाड़ियों में फेंक दिया और महिला के मोबाइल फोन की सिम निकालकर गंगा नदी में फेंक दी, ताकि जांच एजेंसियों को कोई सुराग न मिल सके।
नहीं हुई मृतका की पहचान
एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह ने बताया कि महिला की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है। पहचान स्थापित करने के लिए विभिन्न जिलों और राज्यों की पुलिस से समन्वय किया जा रहा है। साथ ही फरार आरोपी शाहनवाज की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है। मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। फरार आरोपी की गिरफ्तारी और मृतका की पहचान होने के बाद मामले में और महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं।








