देहरादून/बद्रीनाथ। बद्रीनाथ धाम में चंदा चोरी के आरोप में गिरफ्तार प्रमोद नौटियाल को लेकर मंदिर समिति के वर्तमान अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी और पूर्व अध्यक्ष गणेश गोदियाल के बीच तीखा विवाद सामने आया है। हेमंत द्विवेदी द्वारा सार्वजनिक चर्चा की चुनौती देने के बावजूद वे खुद गोदियाल के निर्धारित दिन,समय और स्थान पर नहीं पहुंचे, जबकि गणेश गोदियाल समय से पूर्व पहुंचे ।
गणेश गोदियाल ने प्रेस क्लब में खाली कुर्सी पर हेमंत द्विवेदी का नाम लिखी पर्ची चिपकाकर मीडिया से वार्ता की। उन्होंने कहा, “मैंने एक व्यवस्था बनाकर सभी कर्मचारियों को वरिष्ठता के आधार पर स्थायी किया था। अपने पापों को छुपाने के लिए हेमंत द्विवेदी मेरे ऊपर बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं।”
चुनौती देने वाले खुद गायब
हेमंत द्विवेदी ने प्रमोद नौटियाल मामले में गणेश गोदियाल पर आरोप लगाते हुए सार्वजनिक मंच पर चर्चा की चुनौती दी थी। गोदियाल चुनौती स्वीकार करते हुए निर्धारित समय पर प्रेस क्लब पहुंचे, लेकिन काफी देर इंतजार के बाद भी हेमंत द्विवेदी वहां नहीं पहुंचे।
गोदियाल ने मीडिया के समक्ष द्विवेदी द्वारा लगाए गए सभी आरोपों का बिंदुवार खंडन किया। उन्होंने कहा कि उनकी कार्यकाल के दौरान कर्मचारियों का स्थायीकरण पूरी तरह पारदर्शी प्रक्रिया के तहत वरिष्ठता के आधार पर किया गया था।
सुबह से ही प्रेस क्लब में मीडिया का जमावड़ा लगा रहा। गणेश गोदियाल ने पूरे मामले पर विस्तार से जानकारी दी और बद्रीनाथ मंदिर समिति की कार्यप्रणाली पर उठे सवालों का जवाब दिया।
यह घटना बद्रीनाथ धाम जैसे पवित्र स्थल से जुड़े प्रशासनिक मुद्दों को लेकर मंदिर समिति के भीतर चल रही अंदरूनी कलह को साफ तौर पर उजागर करती है। दोनों पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप से श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में चर्चा तेज हो गई है।








