जल जीवन मिशन की प्रगति की मुख्यमंत्री ने की समीक्षा, शेष कार्य समयसीमा में पूरा करने के निर्देश

देहरादून, 12 अगस्त 2026। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को सचिवालय में जल जीवन मिशन की प्रगति, वित्तीय स्थिति, पेयजल योजनाओं के संचालन एवं रख-रखाव तथा आगामी कार्ययोजना की समीक्षा की। बैठक में ग्रामीण परिवारों तक नल से जल की पहुंच, जलापूर्ति योजनाओं का सत्यापन, जल गुणवत्ता और वित्तीय प्रबंधन सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री ने हर घर जल के लक्ष्य को शत-प्रतिशत पूरा करने के निर्देश देते हुए कहा कि शेष पात्र ग्रामीण परिवारों को निर्धारित समयसीमा में नल कनेक्शन से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन की सफलता केवल नल कनेक्शन उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येक घर में नियमित, पर्याप्त, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करना इसका वास्तविक उद्देश्य है। उन्होंने पूर्ण हो चुकी योजनाओं का स्थलीय सत्यापन कराने के भी निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन और लंबित पेयजल योजनाओं को मिशन मोड में निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने को कहा। उन्होंने जिलाधिकारियों को संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर योजनाओं से जुड़ी समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने तथा प्रत्येक योजना की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए।

पर्वतीय क्षेत्रों में जल स्रोतों के संरक्षण पर जोर

मुख्यमंत्री ने पर्वतीय क्षेत्रों में पेयजल स्रोतों के संरक्षण एवं पुनर्जीवीकरण, वर्षा जल संचयन और जल स्रोतों के पुनर्भरण पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने प्रत्येक जनपद में जलापूर्ति से संबंधित तकनीकी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए प्रभावी व्यवस्था विकसित करने तथा पूर्ण हो चुकी योजनाओं के नियमित संचालन एवं रख-रखाव की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने जनपदवार लक्ष्य, समयसीमा और जवाबदेही तय करने को कहा। साथ ही, अनावश्यक विलंब पाए जाने पर संबंधित कार्यदायी संस्था और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही निर्धारित करने के निर्देश भी दिए।

15,540 योजनाएं पूरी, 1,015 योजनाएं प्रगति पर

बैठक में बताया गया कि राज्य में जल जीवन मिशन के अंतर्गत कुल 16,555 योजनाओं में से 15,540 योजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि 1,015 योजनाएं अभी प्रगति पर हैं। राज्य में मिशन की औसत प्रगति 92.46 प्रतिशत बताई गई।

ग्रामीण परिवारों तक नल से जल की पहुंच की समीक्षा के दौरान जानकारी दी गई कि राज्य में कुल 14.48 लाख ग्रामीण परिवारों में से 14.20 लाख परिवारों को नल कनेक्शन उपलब्ध कराया जा चुका है।

बैठक में यह भी बताया गया कि राज्य के कुल 14,979 गांवों में से 9,796 गांवों में हर नल से जल की उपलब्धता का सत्यापन पूरा किया जा चुका है।

बैठक में अवस्थापना अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष विश्वास डाबर, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव पेयजल रणवीर सिंह चौहान, अपर सचिव श्री रोहित मीणा, सुश्री झरना कमठान सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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