लालकुआं में 7 किमी बाईपास और गोला पुल से आगे 8.4 किमी फोरलेन का प्रस्ताव, DPR के बाद आगे बढ़ेगी निर्माण प्रक्रिया
हल्द्वानी/नैनीताल। हल्द्वानी और आसपास के क्षेत्रों में लगातार बढ़ते यातायात दबाव के बीच शहर को जाम से राहत दिलाने की दिशा में बड़ी पहल हुई है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने जिले की दो महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं को सैद्धांतिक मंजूरी (In-Principle Approval) दे दी है। इनमें लालकुआं में करीब सात किलोमीटर लंबा बाईपास और गोला पुल से आगे करीब 8.4 किलोमीटर सड़क को फोरलेन करने की परियोजना शामिल है।
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के अनुसार, NHAI की मंजूरी के बाद अब दोनों परियोजनाओं की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने की प्रक्रिया शुरू होगी। DPR तैयार होने के बाद परियोजनाओं से जुड़े तकनीकी, भूमि और अन्य आवश्यक पहलुओं की जांच के आधार पर निर्माण की अगली कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी।
बरेली रोड से वन विकास निगम डिपो तक बनेगा 7 किमी बाईपास
पहली परियोजना के तहत करीब 7 किलोमीटर लंबे लालकुआं बाईपास का निर्माण प्रस्तावित है। यह बाईपास बरेली रोड स्थित नगला से शुरू होकर वन विकास निगम के डिपो तक प्रस्तावित है। NHAI से सैद्धांतिक मंजूरी मिलने के बाद अब इसकी DPR तैयार की जाएगी।
बाईपास के अस्तित्व में आने के बाद बरेली रोड और लालकुआं की ओर से आने-जाने वाले वाहनों को हल्द्वानी शहर के अंदर से गुजरने की आवश्यकता कम होगी। इससे विशेष रूप से भारी वाहनों का दबाव शहर के प्रमुख मार्गों पर कम होने की उम्मीद है।
गोला पुल से आगे 8.4 किमी सड़क होगी फोरलेन
दूसरी परियोजना गोला पुल से आगे मौजूदा टू-लेन सड़क को फोरलेन में तब्दील करने की है। करीब 8.4 किलोमीटर लंबी इस परियोजना को भी NHAI की ओर से In-Principle मंजूरी मिल चुकी है।
जिलाधिकारी ने संबंधित कार्यदायी संस्था को परियोजना की DPR तैयार करने के निर्देश दिए हैं। DPR में सड़क की तकनीकी स्थिति, आवश्यक भूमि, यातायात भार और निर्माण से जुड़े अन्य पहलुओं का विस्तृत अध्ययन किया जाएगा। इसके बाद परियोजना को अंतिम स्वीकृति और निर्माण की दिशा में आगे बढ़ाया जाएगा।
भारी वाहनों का दबाव घटने की उम्मीद
हल्द्वानी कुमाऊं के पर्वतीय जिलों का प्रमुख प्रवेश द्वार है। मैदानी क्षेत्रों से आने वाला यातायात इसी शहर से होकर पहाड़ों की ओर जाता है। इसके चलते शहर में लगातार यातायात का दबाव बढ़ रहा है और पीक आवर्स में जाम की समस्या गंभीर हो जाती है।
प्रस्तावित दोनों परियोजनाओं के पूरा होने के बाद शहर के भीतर से गुजरने वाले यातायात, खासकर भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होंगे। इससे हल्द्वानी के प्रमुख मार्गों पर यातायात का दबाव कम होने और जाम की समस्या में राहत मिलने की उम्मीद है।
DPR के बाद तय होगी निर्माण की दिशा
फिलहाल दोनों परियोजनाएं शुरुआती चरण में हैं। NHAI की सैद्धांतिक मंजूरी के बाद अब DPR तैयार होना महत्वपूर्ण अगला कदम है। इसके बाद भूमि की उपलब्धता, तकनीकी व्यवहार्यता, लागत और अन्य जरूरी औपचारिकताओं के आधार पर निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
ऐसे में दोनों परियोजनाओं को हल्द्वानी के बढ़ते यातायात दबाव को नियंत्रित करने और शहर के दीर्घकालिक ट्रैफिक प्रबंधन को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण शुरुआती कदम माना जा रहा है।









