भारी बारिश के बीच बिंदुखत्ता में राजस्व गांव की मांग ने पकड़ा जोर, लालकुआं में उमड़ा जनसैलाब

लालकुआं। बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा देने की वर्षों पुरानी मांग को लेकर रविवार को हजारों ग्रामीणों ने भारी बारिश के बीच जोरदार प्रदर्शन किया। वनाधिकार संगठन के आह्वान पर बिंदुखत्ता के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण रैली के रूप में लालकुआं पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने तहसील परिसर में धरना देकर शासन से राजस्व गांव की अधिसूचना जल्द जारी करने की मांग उठाई। बारिश के बावजूद ग्रामीणों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी।

जनता इंटर कॉलेज से निकली विशाल रैली, तहसील परिसर में धरना

रविवार सुबह से ही बिंदुखत्ता के विभिन्न क्षेत्रों से ग्रामीण जनता इंटर कॉलेज, जड़ सेक्टर में एकत्र होने लगे थे। यहां से विशाल रैली निकाली गई, जो लालकुआं बाजार से होते हुए तहसील परिसर पहुंची। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने राजस्व गांव की मांग को लेकर आवाज बुलंद की।

आयोजकों के अनुसार, सुबह करीब 11 बजे तक लगभग छह हजार ग्रामीण एकत्र हो चुके थे। बाद में रैली में शामिल लोगों की संख्या 10 हजार से अधिक पहुंचने का दावा किया गया। भारी बारिश के बावजूद इतनी बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भागीदारी ने आंदोलन को व्यापक रूप दिया।

32 गांवों के 11,703 दावेदारों ने प्रस्तुत किया था सामुदायिक दावा

वनाधिकार संगठन के अध्यक्ष उमेश चंद्र भट्ट ने बताया कि बिंदुखत्ता के 32 गांवों के 11,703 दावेदारों की ओर से वनाधिकार कानून-2006 की धारा 3(1)(ज) के अंतर्गत सामुदायिक दावा प्रस्तुत किया गया था।

उनके अनुसार, 19 जून 2024 को जिला स्तरीय वन अधिकार समिति ने इस दावे को सर्वसम्मति से पारित कर दिया था। इसके बाद राजस्व ग्राम की अधिसूचना जारी करने और बंदोबस्ती की प्रक्रिया शुरू करने के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा गया, लेकिन अब तक अधिसूचना जारी नहीं हो सकी है।

भट्ट ने कहा कि बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा दिलाने के लिए ग्रामीण लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं। इस संबंध में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को लगातार ज्ञापन सौंपे गए हैं। इसके अलावा 15 अगस्त से पदयात्रा के माध्यम से जनजागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है।

गौला नदी किनारे स्थायी तटबंध बनाने की भी उठी मांग

प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने राजस्व गांव का दर्जा देने के साथ ही गौला नदी के किनारे स्थायी तटबंध बनाने की मांग भी प्रमुखता से उठाई।

ग्रामीणों का कहना है कि राजस्व गांव का दर्जा मिलने से क्षेत्र की वर्षों पुरानी भूमि और प्रशासनिक समस्याओं के समाधान का रास्ता साफ होगा। वहीं, गौला नदी के किनारे स्थायी तटबंध बनने से नदी के कटाव और बाढ़ से होने वाले नुकसान को रोकने में मदद मिलेगी।

भारी बारिश के बावजूद डटे रहे ग्रामीण, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

प्रदर्शन में बड़ी संख्या में ग्रामीणों के शामिल होने को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। रैली मार्ग और तहसील परिसर के आसपास पुलिस बल तैनात रहा।

लगातार बारिश के बावजूद ग्रामीण अपनी मांगों को लेकर डटे रहे। प्रदर्शनकारियों ने शासन से बिंदुखत्ता को राजस्व गांव घोषित करने की प्रक्रिया जल्द पूरी करने और अधिसूचना जारी करने की मांग दोहराई।

ग्रामीणों का कहना है कि राजस्व गांव का दर्जा उनके क्षेत्र के भविष्य और अधिकारों से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा है। रविवार को लालकुआं में उमड़ा जनसैलाब इस मांग को लेकर ग्रामीणों की व्यापक भागीदारी का प्रतीक बना।

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