उत्तराखंड: NEET UG में फर्जी दस्तावेजों का खेल! श्रीनगर मेडिकल कॉलेज की एक और MBBS सीट रद्द

देहरादून: राजधानी देहरादून में NEET UG काउंसलिंग के दौरान फर्जी प्रमाणपत्र के आधार पर MBBS सीट हासिल करने का एक और मामला सामने आया है। जिला प्रशासन की सत्यापन रिपोर्ट के बाद एचएनबी उत्तराखंड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय (HNBUMU) ने कुसुम मल की श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में SC कोटे के तहत आवंटित MBBS सीट रद्द कर दी है। इसके साथ ही फर्जी या गलत प्रमाणपत्रों की जांच के बाद रद्द की गई MBBS सीटों की संख्या 16 हो गई है। ताजा मामले में कुसुम मल को वीर चंद्र सिंह गढ़वाली राजकीय आयुर्विज्ञान एवं अनुसंधान संस्थान, श्रीनगर में SC महिला श्रेणी के तहत सीट आवंटित हुई थी।

विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक प्रो. विजय जुयाल के अनुसार, कुसुम मल ने SC श्रेणी के प्रमाणपत्र के आधार पर MBBS में प्रवेश लिया था। विश्वविद्यालय ने प्रमाणपत्र की सत्यता की जांच के लिए इसे जिला प्रशासन को भेजा था। सत्यापन के दौरान प्रमाणपत्र सही नहीं पाए जाने की रिपोर्ट मिलने के बाद विश्वविद्यालय ने सीट आवंटन रद्द कर दिया। विश्वविद्यालय का कहना है कि अलग-अलग जिलों से प्रमाणपत्र सत्यापन की रिपोर्ट लगातार मिल रही हैं। जैसे-जैसे रिपोर्ट प्राप्त होंगी, संबंधित मामलों में आगे भी कार्रवाई की जाएगी।

पहले 15 सीटें भी हो चुकी हैं रद्द

कुसुम मल की सीट रद्द होने से एक दिन पहले विश्वविद्यालय ने 15 अन्य MBBS सीटों के आवंटन भी रद्द किए थे। इन मामलों में डोमिसाइल, कैटेगरी और सब-कैटेगरी से जुड़े प्रमाणपत्रों के सत्यापन में गड़बड़ी सामने आई थी। ये सीटें उत्तराखंड के पांच सरकारी मेडिकल कॉलेजों में आवंटित थीं।

ताजा कार्रवाई के बाद कुल संख्या 16 हो गई है। विश्वविद्यालय की ओर से कहा गया है कि दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया अभी जारी है और आगे भी रिपोर्ट मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।

तीसरे चरण की काउंसलिंग भी शुरू

एक तरफ फर्जी प्रमाणपत्रों से जुड़े दाखिलों की जांच चल रही है, वहीं दूसरी ओर NEET UG की तीसरे चरण की काउंसलिंग प्रक्रिया भी आगे बढ़ रही है। पहले और दूसरे चरण में सीट पाने वाले अभ्यर्थियों के स्थायी निवास और आरक्षण से संबंधित प्रमाणपत्रों का सत्यापन किया जा रहा है। विश्वविद्यालय ने संदिग्ध दस्तावेज संबंधित जिलों को भेजकर उनकी जांच और रिपोर्ट मांगी है। सत्यापन रिपोर्ट आने के बाद संबंधित अभ्यर्थियों के दाखिले और सीट आवंटन पर निर्णय लिया जा रहा है।

आगे भी हो सकती है कार्रवाई

फर्जी प्रमाणपत्रों से जुड़े मामलों की जांच अभी पूरी नहीं हुई है। विश्वविद्यालय के अनुसार जिलों से मिलने वाली सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर आगे भी सीटें रद्द की जा सकती हैं। इस बीच NEET UG काउंसलिंग में दस्तावेजों के सत्यापन को लेकर निगरानी बढ़ा दी गई है। काउंसलिंग प्रक्रिया में शामिल अभ्यर्थियों के डोमिसाइल और आरक्षण संबंधी दस्तावेजों की जांच जारी है।

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