हिमालयी क्षेत्रों में ऊर्जा आत्मनिर्भरता की मजबूत आधारशिला हैं लघु जल विद्युत परियोजनाएं: अजय कुमार सिंह

यूजेवीएन लिमिटेड के एमडी ने रुद्रप्रयाग में कालीगंगा प्रथम, कालीगंगा द्वितीय और मद्महेश्वर परियोजनाओं का किया निरीक्षण, अतिरिक्त मशीनें लगाने की संभावनाओं पर जोर

रुद्रप्रयाग, 26 अक्टूबर। उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन और ऊर्जा आत्मनिर्भरता को मजबूत करने में लघु जल विद्युत परियोजनाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। यह बात यूजेवीएन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक अजय कुमार सिंह ने सोमवार को रुद्रप्रयाग जनपद में निगम की तीन लघु जल विद्युत परियोजनाओं के निरीक्षण के दौरान कही।

अजय कुमार सिंह ने 4 मेगावाट क्षमता की कालीगंगा प्रथम, 4.5 मेगावाट की कालीगंगा द्वितीय और 15 मेगावाट क्षमता की मद्महेश्वर जल विद्युत परियोजनाओं का दौरा कर उनके परिचालन, रखरखाव और विद्युत उत्पादन से संबंधित व्यवस्थाओं की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने परियोजनाओं में तैनात कार्मिकों से बातचीत कर दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों में काम करने के दौरान आने वाली चुनौतियों की जानकारी भी ली।

अतिरिक्त मशीनें लगाने की संभावनाओं का होगा आकलन

निरीक्षण के दौरान प्रबंध निदेशक ने मद्महेश्वर और कालीगंगा द्वितीय परियोजनाओं में उपलब्ध जल संसाधनों तथा विद्युत उत्पादन की संभावनाओं पर विशेष ध्यान दिया। उन्होंने दोनों परियोजनाओं में एक-एक अतिरिक्त मशीन स्थापित करने की संभावनाओं के संबंध में आवश्यक तकनीकी और व्यावहारिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि पर्याप्त जल उपलब्ध होने के बावजूद विद्युत निकासी (पावर इवैक्युएशन) व्यवस्था की सीमित क्षमता के कारण जल संसाधनों का पूरा उपयोग नहीं हो पा रहा है। ऐसे में विद्युत निकासी तंत्र को मजबूत करना और उत्पादित बिजली को प्रभावी ढंग से ग्रिड तक पहुंचाना आवश्यक है।

अजय कुमार सिंह ने संबंधित अधिकारियों को तकनीकी व्यवहार्यता, आवश्यक बुनियादी ढांचे और ग्रिड कनेक्टिविटी का आकलन कर ठोस कार्ययोजना तैयार करने को कहा। अतिरिक्त मशीनें स्थापित होने से भविष्य में विद्युत उत्पादन बढ़ने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि की संभावना है।

दुर्गम परिस्थितियों में कार्मिकों के प्रयासों की सराहना

प्रबंध निदेशक ने परियोजनाओं में कार्यरत कर्मचारियों के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि सीमित संसाधनों और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद सुदूरवर्ती क्षेत्रों में स्थित परियोजनाओं का सुचारु संचालन सुनिश्चित करना चुनौतीपूर्ण कार्य है। इसके बावजूद कार्मिक समर्पण और परिश्रम के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं।

उन्होंने परियोजनाओं में नियमित रखरखाव, सुरक्षित कार्य वातावरण और बेहतर कार्यस्थलीय व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।

स्वच्छ ऊर्जा और ऊर्जा सुरक्षा में अहम भूमिका

अजय कुमार सिंह ने कहा कि उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में जल विद्युत स्वच्छ ऊर्जा का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। हिमालयी क्षेत्रों की घाटियों में स्थापित लघु जल विद्युत परियोजनाएं स्थानीय जल संसाधनों के उपयोग से बिजली उत्पादन करने के साथ राज्य की ऊर्जा आत्मनिर्भरता को मजबूत करने में योगदान देती हैं।

उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं का कुशल संचालन और नियमित रखरखाव विद्युत उत्पादन की निरंतरता बनाए रखने के लिए आवश्यक है। साथ ही, उपलब्ध जल संसाधनों का अधिकतम और प्रभावी उपयोग ऊर्जा सुरक्षा की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि पर्वतीय क्षेत्रों में परियोजनाओं का संचालन करते समय स्थानीय भौगोलिक परिस्थितियों, मौसमी चुनौतियों और सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखना जरूरी है।

प्रबंध निदेशक ने कहा कि यूजेवीएन लिमिटेड राज्य में जल विद्युत उत्पादन को सुदृढ़ करने और उपलब्ध जल संसाधनों का सतत एवं प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास जताया कि परियोजनाओं में कार्यरत कार्मिकों के सहयोग और तकनीकी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाकर इस दिशा में और प्रभावी परिणाम हासिल किए जा सकते हैं।

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