उत्तराखंड STF की बड़ी कार्रवाई, ट्रामाडोल तस्करी गिरोह का एक और सदस्य गिरफ्तार

18 हजार प्रतिबंधित ट्रामाडोल कैप्सूल बरामदगी मामले में अब तक पांच आरोपी गिरफ्तार, हरिद्वार में रिसीवर और डिस्ट्रीब्यूटर के रूप में काम कर रहा था आरोपी फारूख

देहरादून। उत्तराखंड में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ट्रामाडोल तस्करी गिरोह के एक और सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान फारूख पुत्र महबूब, निवासी ग्राम भारापुर, थाना बहादराबाद, जनपद हरिद्वार के रूप में हुई है। आरोपी प्रतिबंधित SPASMORE (Tramadol) कैप्सूल की अवैध सप्लाई में शामिल था। इस मामले में एसटीएफ अब तक कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।

एसटीएफ के अनुसार, मई 2026 में एसटीएफ/एएनटीएफ और मंगलौर थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए 18 हजार प्रतिबंधित ट्रामाडोल कैप्सूल बरामद किए थे। इस संबंध में थाना मंगलौर में मुकदमा अपराध संख्या 257/2026 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/22/29/60 में मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी विवेचना स्पेशल टास्क फोर्स देहरादून को सौंपी गई थी।

विवेचना के दौरान बैंक खातों के विश्लेषण, डिजिटल साक्ष्यों और तकनीकी जांच में मुजफ्फरनगर निवासी पूर्व गिरफ्तार आरोपी अंकित कुमार प्रजापति की भूमिका सामने आई। जांच में पता चला कि अंकित जनवरी 2026 से सह-आरोपी सचिन मनिहाल से SPASMORE (Tramadol) कैप्सूल प्राप्त कर हरिद्वार और आसपास के क्षेत्रों में अवैध रूप से सप्लाई कर रहा था। प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री से प्राप्त रकम में से अपना कमीशन काटकर शेष धनराशि नकद और बैंक खातों के माध्यम से सचिन मनिहाल तक पहुंचाता था। इस नेटवर्क में सलमान और उसका साथी फारूख भी उसकी मदद करते थे।

एसटीएफ की जांच में फारूख की भूमिका भी सामने आई। साक्ष्यों के आधार पर पुष्टि हुई कि फारूख अपने अन्य साथियों के साथ प्रतिबंधित ट्रामाडोल कैप्सूल की अवैध सप्लाई में सक्रिय रूप से शामिल था। मई 2026 में हुई 18 हजार कैप्सूल की बरामदगी के मामले में भी उसकी भूमिका सामने आई है। बैंकिंग और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर एसटीएफ टीम ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

संगठित गिरोह के रूप में कर रहे थे नशे की तस्करी

एसटीएफ के मुताबिक, विवेचना के दौरान प्रतिबंधित दवाओं की तस्करी संगठित गिरोह के रूप में किए जाने के साक्ष्य मिलने पर मुकदमे में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 111 की भी बढ़ोतरी की गई है। जांच में सामने आया है कि आरोपी संगठित नेटवर्क के माध्यम से प्रतिबंधित दवाओं की अवैध सप्लाई कर आर्थिक लाभ अर्जित कर रहे थे।

एसटीएफ अब गिरफ्तार आरोपी के फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंक्स, आर्थिक लेन-देन, बैंक खातों, डिजिटल साक्ष्यों और पूरे सप्लाई नेटवर्क की गहनता से जांच कर रही है। साथ ही इस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ भी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

एसटीएफ टीम में ये रहे शामिल

इस कार्रवाई में निरीक्षक यादवेन्द्र सिंह बाजवा, उपनिरीक्षक कमाल हसन, अपर उपनिरीक्षक योगेन्द्र चौहान, आरक्षी दीपक चंदौला और आरक्षी प्रदीप शामिल रहे।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ उत्तराखंड ने आमजन से अपील की है कि नशे से दूर रहें और नशा तस्करी से संबंधित किसी भी प्रकार की सूचना तत्काल नजदीकी पुलिस स्टेशन अथवा एसटीएफ/एएनटीएफ उत्तराखंड को दें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

एसटीएफ हेल्पलाइन: 0135-2656202, 9412029536

मानस हेल्पलाइन: 1933

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