महाशिवरात्रि 2022 में 1 मार्च मंगलवार को मनाई जाएगी।
(चतुर्दशी तिथि कब शुरू होगी : प्रारंभ 01 मार्च 2022 को सुबह 03:16 बजे से होगी
चतुर्दशी तिथि कब समाप्त होगी : 02 मार्च 2022 को सुबह 01:00 बजे होगा) शुभ मुहुर्त :
– अभिजीत मुहूर्त : सुबह 11:47 से दोपहर 12:34 तक।
– विजय मुहूर्त : दोपहर 02:07 से दोपहर 02:53 तक।
– गोधूलि मुहूर्त : शाम 05:48 से 06:12 तक।
– सायाह्न संध्या मुहूर्त : शाम 06:00 से 07:14 तक।
– निशिता मुहूर्त : रात्रि 11:45 से 12:35 तक।
पूजा विधि :
– महाशिवरात्रि की विधि-विधान से विशेष पूजा निशिता या निशीथ काल में होती है। हालांकि चारों प्रहरों में से अपनी सुविधानुसार यह पूजन कर सकते हैं। साथ ही महाशिवरात्री के दिन रात्रि जागरण का भी विधान है।
– महाशिवरात्रि पर शिवलिंग की पूजा होती है। इस दिन मिट्टी के पात्र या लोटे में जलभरकर शिवलिंग पर चढ़ाएं इसके बाद उनके उपर बेलपत्र, आंकड़े के फूल, चावल आदि अर्पित करें। जल की जगह दूध भी ले सकते हैं।
मंत्र : महामृत्युंजय मंत्र या शिव के पंचाक्षर मंत्र ॐ नमः शिवाय का जाप इस दिन करना चाहिए।
चार पहर की पूजा :
महाशिवरात्रि की पूजा रात में एक या चार बार अलग अलग प्रकार से की जाती है. चार बार शिव पूजा करने के लिए चार प्रहर (प्रहर) प्राप्त करने के लिए पूरी रात की अवधि को चार में विभाजित किया जा सकता है. इस दिन हर एक प्रहर की अलग अलग पूजा विधि होती है. हालांकि इस दिन रुद्राभिषेक का खास महत्व बताया जाता है. जानिए चार प्रहर की पूजा का समय
1. रात्रि प्रहर पूजा : शाम 06:21 से रात्रि 09:27 बजे तक
2. रात्रि प्रहर पूजा : रात्रि 09:27 से रात्रि 12:33 (02 मार्च)
3. रात्रि प्रहर पूजा : रात्रि 12:33 से सुबह 03:39 बजे तक (02 मार्च)
4. रात्रि प्रहर पूजा : सुबह 03:39 बजे से 06:45 बजे तक (02 मार्च)
महाशिवरात्रि व्रत विधि
आपको बता दें कि शिवरात्रि व्रत से एक दिन पहले, त्रयोदशी पर भक्तों को बिना प्याज आदि का भोजन करना चाहिए. जबकि शिवरात्रि के दिन, सुबह उठकर स्नान करके पूरी श्रद्धा के साथ इस भगवान भोलेनाथ के आगे व्रत रखने का संकल्प लेना चाहिए. संकल्प के दौरान भक्त उपवास की अवधि पूरा करने के लिये भगवान शिव का आशीर्वाद लेते हैं. समस्त सदस्यों को शिवरात्रि के पावन पर्व की अग्रिम बधाई।
सचिन गुप्ता