उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में आज संयुक्त कर्मचारी संगठनों के बैनर तले राज्य कर कर्मचारी महासंघ ने जोरदार प्रदर्शन किया। कनक चौक से सचिवालय तक कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी लंबित मांगों को लेकर आक्रोश जताया।देहरादून में राज्य कर विभाग के कर्मचारियों का गुस्सा आज सड़कों पर खुलकर सामने आया। संयुक्त कर्मचारी घटकों के बैनर तले निकाले गए इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कर्मचारी शामिल हुए। कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार और विभागीय अधिकारियों द्वारा उनकी अनदेखी की जा रही है।कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि विभाग में स्टाफ की भारी कमी है, जिसके चलते एक-एक कर्मचारी पर सैकड़ों व्यापारियों की जीएसटी रिटर्न भरने का दबाव है। उनका कहना है कि एक कर्मचारी को करीब 250 से अधिक व्यापारियों का काम संभालना पड़ रहा है, जिससे काम का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है।वहीं, कर्मचारियों ने यह भी कहा कि न तो समय पर पदोन्नति दी जा रही है और न ही नए कर्मचारियों की भर्ती की जा रही है। फरवरी माह में अधिकारियों को अल्टीमेटम देने के बावजूद उनकी दो सूत्रीय मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिससे कर्मचारियों में नाराजगी और बढ़ गई है। वही जगमोहन नेगी प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि हम लोग पिछले काफी समय से अपनी मांगों को लेकर सरकार और विभाग को अवगत करा रहे हैं, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिलता है। विभाग में स्टाफ की भारी कमी है, एक कर्मचारी पर 200-250 व्यापारियों का बोझ है। न प्रमोशन हो रहा है, न नई भर्ती। अगर जल्द हमारी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो हम अपना आंदोलन और तेज करेंगे।”









