देहरादून: अब श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के इलेक्ट्रिक वाहन से चारधाम यात्रा कर सकते हैं। गढ़वाल मंडल विकास निगम ने हरिद्वार से चारों धामों के रूट पर 27 चार्जिंग स्टेशनों का निर्माण किया गया है। जिनमें से 25 चार्जिंग स्टेशनों का सञ्चालन शुरू हो गया है जबकि दो चार्जिंग स्टेशनों को अभी बिजली कनेक्शन से नहीं जोड़ा गया है।
उत्तराखंड को प्रदूषण से मुक्त करने की योजना के तहत इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दिया जा रहा है। परिवहन विभाग ने मार्च 2024 में चारधाम यात्रा मार्ग पर 28 चार्जिंग स्टेशन बनाने का फैसला लिया था। इस योजना के लिए 7.40 करोड़ रुपये की लागत तय की गई। जीएमवीएन ने हर 40 किमी की दूरी पर चार्जिंग स्टेशन बनाने शुरू किए। जीएमवीएन ने अब तक 27 चार्जिंग स्टेशनों का निर्माण पूरा कर लिया है। इनमें से 25 स्टेशनों का सञ्चालन शुरू हो चुका है।
केदारघाटी में बनेगा पेट्रोल पंप और चार्जिंग स्टेशन
जबकि चमोली जिले के नंदप्रयाग और पीपलकोटी में बने दो चार्जिंग स्टेशन अभी बिजली से चालू नहीं हो पाए हैं। इसके अलावा केदारनाथ-सोनप्रयाग मार्ग पर जमीन नहीं मिली, इसलिए यहां चार्जिंग स्टेशन नहीं बन पाया। जीएमवीएन द्वारा 1.60 करोड़ की लागत से जल्द ही सीतापुर-कोनागढ़ के पास एक पेट्रोल पंप और एक चार्जिंग स्टेशन का निर्माण किया जाएगा।
हर स्टेशन पर फास्ट और स्लो चार्जिंग गन
उत्तराखंड के हरिद्वार से केदारनाथ, बद्रीनाथ, यमुनोत्री और गंगोत्री रूट पर बने हर चार्जिंग स्टेशन पर दो फास्ट और दो स्लो चार्जिंग गन लगाए गए हैं। इनमें से फास्ट चार्जिंग गन से गाड़ी करीब 45 मिनट से एक घंटे में फुल चार्ज हो जाती है। स्लो चार्जिंग गन से गाड़ी को फुल चार्ज होने में पांच से छह घंटे लगते हैं। फास्ट चार्जर का रेट 15 रुपये प्रति यूनिट है और स्लो चार्जर का रेट करीब 12 रुपये प्रति यूनिट है। हर स्टेशन पर ऑनलाइन पेमेंट के लिए बारकोड भी दिया गया है।