उत्तराखंड: अजय भट्ट का मोदी कैबिनेट तक का सफर कैसे रहा जानने के लिए पढ़िए –

मोदी कैबिनेट में जगह बनाने वाले देवभूमि उत्तराखंड के नेता अजय भट्ट भाजपा के बेहद वरिष्ठ एवं कर्मठ नेता हैं। नैनीताल-उधम सिंह नगर लोकसभा से सांसद अजय भट्ट ने अपनी मेहनत और लगन के बलबूते पर बु अपनी कामयाबी की लंदियों को छुआ है । बता दें कि भट्ट का जीवन बहुत ही कठिनाइयों और चुनौतियों से भरा घिरा रहा। अजय भट्ट ने सही मायनों में यह साबित किया है कि लगन और मेहनत किसी को भी बुलंदियों तक पहुंचा सकती है। अपनी इस लगन और मेहनत के जरिए राजनीति में पकड़ बनाने वाले और 36 सालों का अनुभव लिए हुए सांसद अजय भट्ट ने मोदी कैबिनेट में जगह बना ली है। आपको बता दे की मूल रूप से अजय भट्ट अल्मोड़ा के रहने वाले है। उनका जन्म 1 मई 1961 में अल्मोड़ा के रानीखेत में हुआ। अजय भट्ट का बचपन बेहद गरीबी में गुजरा और उन्होंने अपने बचपन में बहुत अधिक दुख भी झेले।
युवावस्था में उनके सिर से पिता कमल भट्ट का साया भी उठ गया था। दो भाई भी चल बसे थे और घर परिवार का सारा बोझ उनके कंधों पर आ गया था। जिसके बाद उन्होंने घर चलाने के लिए द्वाराहाट में सब्जी की दुकान चलाई और उसके पश्चात अल्मोड़ा से एलएलबी की पढ़ाई की। मेहनत, लगन और आत्मविश्वास से उन्होंने अल्मोड़ा के कॉलेज से अपनी एलएलबी की शिक्षा पूर्ण की और अपनी पहचान एक नामी और काबिल वकील के तौर पर कायम की। नगर पंचायत द्वाराहाट में उन्होंने अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ा मगर दोनों के वोट बराबर होने पर लॉटरी निकाली गई जिसमें अजय भट्ट हार गए और इसी हार ने उनको राजनीति में आगे बढ़ने का जोश जगाया। बस फिर क्या था उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। द्वाराहाट को छोड़ उन्होंने रानीखेत को अपनी कर्मभूमि बनाया। 1985 में उनको तत्कालीन उत्तर प्रदेश के नेतृत्व में कार्यकारिणी सदस्य बनाया गया।जो बेहद गर्व की बात है।

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