उत्तराखंड: CM धामी कैबिनेट बैठक में इन 6 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मिली मंजूरी, 2 मिनट में जानिए

देहरादून: उत्तराखंड सचिवालय में बुधवार, 11 फरवरी को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिमंडल बैठक संपन्न हो गई। इस महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक में कुल 6 बड़े फैसलों को मंजूरी दी गई।

आज कैबिनेट बैठक में लिए गए निर्णयों में श्रम विभाग के दो, गृह विभाग के दो, जबकि वन और कृषि विभाग से एक-एक प्रस्ताव शामिल रहे। राज्य सरकार के इन फैसलों को प्रशासनिक सुधार, कानून व्यवस्था और कर्मचारियों के हितों से जोड़कर देखा जा रहा है। धामी कैबिनेट में जिन 6 प्रस्तावों पर मुहर लगी उनका विवरण नीचे दिया गया है।

1. बोनस संशोधन एक्ट प्रस्ताव वापस लेने का फैसला

 

 

श्रम विभाग द्वारा कोविड काल के दौरान बोनस कटौती को लेकर केंद्र सरकार को भेजे गए पेमेंट ऑफ बोनस (संशोधन) एक्ट प्रस्ताव को वापस लेने का निर्णय लिया गया है। कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को निरस्त करने पर सहमति जताई।

2. ESI डॉक्टरों के 94 पदों पर भर्ती को मंजूरी

श्रम विभाग के अंतर्गत लेबर मेडिकल सर्विस नियमावली 2006 में संशोधन कर ESI डॉक्टरों की भर्ती और पदोन्नति का रास्ता साफ किया गया है। कैबिनेट ने कुल 94 पदों पर नियुक्ति को मंजूरी दी है। इससे प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

3. एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स में 22 पदों का सृजन

गृह विभाग के अंतर्गत वर्ष 2022 में गठित एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) को और सशक्त बनाने के लिए राज्य स्तर पर 22 नए पदों के सृजन को स्वीकृति दी गई है। सरकार का यह कदम प्रदेश में नशे के खिलाफ अभियान को तेज करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

4. कारागार एक्ट में ‘हैब्युच्वल ऑफेंडर’ की नई परिभाषा लागू

 

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देहरादून

 

कैबिनेट ने कारागार अधिनियम में संशोधन करते हुए ‘हैब्युच्वल ऑफेंडर’ (बार-बार अपराध करने वाले) की परिभाषा को केंद्र सरकार की परिभाषा के अनुरूप अपनाने का निर्णय लिया है। इससे जेल प्रबंधन और अपराध नियंत्रण में स्पष्टता आएगी।

5. वन विभाग के 579 दैनिक श्रमिकों को न्यूनतम वेतन

वन विभाग में कार्यरत कुल 893 दैनिक श्रमिकों में से 314 को पहले से न्यूनतम वेतनमान मिल रहा था। कैबिनेट ने शेष 579 दैनिक श्रमिकों को भी 18,000 रुपये न्यूनतम वेतन देने की मंजूरी दे दी है। इस फैसले से सैकड़ों परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा।

6. सूक्ष्म खाद उन्नयन योजनाएं जारी रहेंगी

कृषि विभाग के अंतर्गत लागू प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद उन्नयन योजना (2025-26 तक) के साथ ही राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री सूक्ष्म खाद उन्नयन योजना को भी जारी रखने का फैसला किया है। इससे प्रदेश के किसानों और खाद उद्योग को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

प्रशासनिक और जनहित फैसलों पर जोर

धामी सरकार की इस कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसलों को कर्मचारियों के हित, कानून व्यवस्था सुधार और कृषि-वन क्षेत्र को मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आने वाले समय में इन निर्णयों का सीधा असर प्रदेश के हजारों लोगों पर पड़ेगा।

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