देहरादून: उत्तराखंड में अब राजनीतिक स्थिरता का दौर शुरू होता नजर आ रहा है। 9 नवंबर 2000 को राज्य गठन के बाद से यहां सरकारों में लगातार बदलाव देखने को मिला। खासतौर पर भाजपा सरकारों में एक कार्यकाल के दौरान कई बार मुख्यमंत्री बदले गए। लेकिन अब यह परंपरा टूटती दिख रही है और राज्य एक स्थिर नेतृत्व की ओर बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जुलाई 2021 से राज्य की कमान संभाले हुए हैं। 2022 विधानसभा चुनाव के बाद दोबारा मुख्यमंत्री बनने के साथ उनका कार्यकाल लगातार जारी है। यदि वे आगामी चुनाव तक पद पर बने रहते हैं, तो वे उत्तराखंड के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले पहले नेता बन जाएंगे। अब तक केवल नारायण दत्त तिवारी ही ऐसे मुख्यमंत्री रहे हैं जिन्होंने 2002 से 2007 तक पूरा पांच साल का कार्यकाल पूरा किया था।
बार-बार CM बदलने की परंपरा पर विराम
उत्तराखंड की राजनीति में लंबे समय तक मुख्यमंत्री बदलने की परंपरा रही है। भाजपा सरकारों में तो कई बार एक कार्यकाल में दो से तीन मुख्यमंत्री बदलने के उदाहरण भी सामने आए। लेकिन 2021 में धामी को मुख्यमंत्री बनाए जाने के बाद पार्टी ने स्थिर नेतृत्व पर भरोसा जताया। यहां तक कि चुनाव हारने के बाद भी उन्हें दोबारा मुख्यमंत्री बनाना इस बात का संकेत था कि पार्टी उनके नेतृत्व में आगे बढ़ना चाहती है। प्रदेश में धामी सरकार ने कई सख्त कानून लागू किए। धामी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धियों में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करना शामिल है।
आर्थिक विकास में तेजी
धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड ने आर्थिक मोर्चे पर भी उल्लेखनीय प्रगति की है। राज्य का सकल घरेलू उत्पाद (GSDP) 3.81 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जो पहले की तुलना में काफी अधिक है। इसके साथ ही प्रति व्यक्ति आय बढ़कर 2.73 लाख रुपये हो गई है और राज्य की विकास दर 7.23 प्रतिशत दर्ज की गई है। धामी सरकार के दूसरे कार्यकाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दौरान 3.56 लाख करोड़ रुपये के निवेश समझौते (MoU) हुए। इनमें से एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश धरातल पर उतर चुका है।
सामाजिक योजनाओं पर विशेष फोकस
सरकार ने सामाजिक सुरक्षा और महिला सशक्तीकरण पर भी विशेष ध्यान दिया है। अटल आयुष्मान योजना के तहत मुफ्त इलाज की सुविधा दी जा रही है। महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण, सहकारी समितियों में 33 प्रतिशत भागीदारी और “लखपति दीदी” योजना के जरिए लाखों महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया गया है। उत्तराखंड में पर्यटन के क्षेत्र में भी रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गई है। राज्य में कई बड़ी परियोजनाओं पर काम जारी है।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्रियों का इतिहास
राज्य गठन के बाद उत्तराखंड में कई मुख्यमंत्री बने, लेकिन बहुत कम ही अपने पूरे कार्यकाल तक टिक पाए। धामी का लगातार बढ़ता कार्यकाल इस ट्रेंड को बदलने का संकेत दे रहा है और यह राज्य की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है।
मुख्यमंत्री और उनका कार्यकाल
नित्यानंद स्वामी :- 09.11.2000 से 29.10.2001
भगत सिंह कोश्यारी :- 30.10.2001 से 01.03.2002
नारायण दत्त तिवारी :- 02.03.2002 से 07.03.2007
भुवन चंद्र खंडूड़ी :- 07.03.2007 से 26.06.2009
रमेश पोखरियाल निशंक :- 27.06.2009 से 10.09.2011
भुवन चंद्र खंडूड़ी :- 11.09.2011 से 13.03.2012
विजय बहुगुणा :- 13.03.2012 से 31.01.2014
हरीश रावत :- 01.02.2014 से 27.03.2016
हरीश रावत :- 27.03.2016 से 21.04.2016
हरीश रावत :- 21.04.2016 से 22.04.2016
हरीश रावत :- 22.04.2016 से 11.05.2016
हरीश रावत :-11.05.2016 से 18.03.2017
त्रिवेंद्र सिंह रावत :- 18.03.2017 से 09.03.2021
तीरथ सिंह रावत :- 10.03.2021 से 04.07.2021









