उत्तरकाशी: उत्तराखंड के चमोली जिले में बीते मंगलवार को एक दुखद हादसा हुआ है। यहां नदी के बीचों-बीच बने टापू पर कई दिनों से फंसी एक गाय को रेस्क्यू करते हुए एक एक NDRF जवान नदी की तेज लहरों के साथ बह गया और उसकी मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार बीते मंगलवार को चमोली जिले के थराली तहसील के देवाल विकासखंड के कोठी नंदकेसरी क्षेत्र में रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान एक एनडीआरएफ (National Disaster Response Force) जवान नदी की तेज धारा में बह गया। नदी की उफानी लहरों की चपेट में आने से जवान की दुखद मौत हो गई। इस घटना ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया है।
नदी के बीचों-बीच बने एक टापू पर फंसी थी गाय
स्थानीय लोगों ने बताया कि कोठी नंद केसरी क्षेत्र में पिंडर नदी के बीचों-बीच बने एक टापू पर एक गाय कई दिनों से फंसी हुई थी। नदी के तेज बहाव और बढ़े जलस्तर के कारण गाय नदी से बाहर नहीं निकल पा रही थी। ग्रामीणों ने प्रशासन से मदद की गुहार लगाई। ग्रामीणों की मदद के लिए चमोली जिला प्रशासन ने NDRF और स्थानीय JDRF की टीम को मौके पर भेजा।
लाइफ जैकेट खुलने से हुआ हादसा
जिसके बाद बीते मंगलवार 19 अगस्त को NDRF और स्थानीय JDRF की टीम ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान करीब 11 बजे एनडीआरएफ के जवान सुरेंद्र नौटियाल लाइफ जैकेट पहनकर टापू की ओर बढ़े। लेकिन नदी के तेज बहाव के कारण अचानक उनकी लाइफ जैकेट खुल गई। इससे पहले कि अन्य जवान कुछ कर पाते कि वे नदी की तेज धाराओं में बहने लगे।
उत्तरकाशी जिले के निवासी थे मृतक जवान
एनडीआरएफ जवान सुरेंद्र नौटियाल के अन्य साथियों ने काफी मशक्कत के बाद उन्हें नदी से बाहर निकाला और तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र थराली पहुंचाया। लेकिन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र थराली के डॉक्टरों ने जवान को मृत घोषित कर दिया। जवान के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए कर्णप्रयाग भेजा गया है। जानकारी के अनुसार मृतक जवान सुरेंद्र नौटियाल उत्तरकाशी जिले के मूल निवासी थे और उनकी उम्र 30 वर्ष थी।