चम्पावत: उत्तराखंड के चंपावत जिले के बनबसा क्षेत्र में नाबालिग बालिका के साथ दुष्कर्म के प्रयास के आरोप का मामला सामने आया है। परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मेडिकल स्टोर संचालक के खिलाफ पॉक्सो (POCSO) अधिनियम सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया, जबकि प्रशासन ने संबंधित मेडिकल स्टोर को सील कर दिया है। घटना के बाद क्षेत्र में लोगों के बीच आक्रोश का माहौल है और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, पीड़िता के परिजनों ने बनबसा थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए मेडिकल स्टोर संचालक पर नाबालिग के साथ दुष्कर्म का प्रयास करने का आरोप लगाया। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। प्राथमिक जांच और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ पॉक्सो अधिनियम समेत अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई की। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। अधिकारियों के अनुसार मामले की विस्तृत जांच जारी है और सभी पहलुओं की गहनता से पड़ताल की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान प्राप्त साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विरोध प्रदर्शन के बाद प्रशासन की कार्रवाई
घटना की जानकारी सामने आने के बाद विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोपी के खिलाफ कठोर कार्रवाई और पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग की। बढ़ते जनाक्रोश के बीच प्रशासन ने आरोपी के मेडिकल स्टोर को सील करने की कार्रवाई की। स्थानीय लोगों ने भी घटना की निंदा करते हुए दोषी के खिलाफ कड़ी सजा की मांग की है।
बनबसा थाना प्रभारी सुरेंद्र सिंह कोरंगा ने बताया कि परिजनों की तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि नाबालिगों के खिलाफ होने वाले अपराध अत्यंत गंभीर श्रेणी में आते हैं और ऐसे मामलों में कानून के तहत सख्त दंड का प्रावधान है। पुलिस मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच कर रही है।
लोगों से सहयोग की अपील
पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि या अपराध की जानकारी मिले तो तत्काल पुलिस को सूचित करें। समय पर सूचना मिलने से अपराधों की रोकथाम और त्वरित कार्रवाई संभव हो पाती है। यह घटना एक बार फिर समाज में बच्चों और किशोरियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में जागरूकता, सतर्कता और त्वरित कानूनी कार्रवाई बेहद आवश्यक है ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके और अपराधियों में कानून का भय बना रहे।








