सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को अब खेल सुविधाओं के लिए निजी संस्थानों की ओर नहीं देखना पड़ेगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) सरकारी विद्यालयों में आधुनिक खेल अधोसंरचना विकसित करने का जिम्मा संभाल रहा है।
जिले के राजकीय विद्यालयों में बैडमिंटन और वालीबाल कोर्ट विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें से पहले चरण में आठ विद्यालयों में निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, जबकि दूसरे चरण में नौ अन्य विद्यालयों में काम तेजी से जारी है।करीब 7.80 करोड़ रुपये की लागत वाली परियोजना का उद्देश्य सरकारी स्कूलों में खेल संस्कृति को मजबूत करना और ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के विद्यार्थियों को समान अवसर उपलब्ध कराना है।
एमडीडीए का मानना है कि खेल मैदान केवल प्रतियोगिताओं के लिए नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण की प्रयोगशाला होते हैं, जहां नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, टीम भावना और आत्मविश्वास विकसित होता है।
इस परियोजना का अहम पहलू यह है कि विद्यालय समय के बाद इन खेल सुविधाओं का उपयोग स्थानीय नागरिक भी कर सकेंगे। इससे एक ओर युवाओं को बेहतर खेल वातावरण मिलेगा तो दूसरी ओर समाज में स्वास्थ्य और फिटनेस के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी।समयबद्ध निर्माण और गुणवत्ता पर फोकस
एमडीडीए ने निर्माण कार्यों को निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
प्राधिकरण उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने बताया कि प्राधिकरण का लक्ष्य केवल कोर्ट बनाना नहीं, बल्कि ऐसी खेल सुविधाएं तैयार करना है जो लंबे समय तक खिलाड़ियों को लाभ पहुंचा सकें। निर्माण में गुणवत्ता, सुरक्षा और उपयोगिता को प्राथमिकता दी जा रही है।
भविष्य में मिलेंगे उत्कृष्ट खिलाड़ी
विशेषज्ञों का मानना है कि विद्यालय स्तर पर बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध होने से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान और उनका प्रशिक्षण आसान होगा।
इससे राज्य को भविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी भी मिल सकते हैं। वहीं, स्कूलों में बच्चे भी खेल सुविधा विकसित करने के लिए सरकार व एमडीडीए की प्रशंसा कर रहे हैं।
इन विद्यालयों में तैयार हो चुके हैं खेल कोर्ट
जीआइसी मियांवाला
जीआइसीरानीपोखरी
जीआइसी सेलाकुई
जीआइसी हरबर्टपुर
जीआइसी सौड़ासरोली
जीजीआइसी राजपुर रोड
जीजीआइसी कौलागढ़
जीआइसी मालदेवता रायपुर
परियोजना पहले चरण पर एक नजर
लागत : 4.84 करोड़ रुपये
कुल विद्यालय: आठ
सुविधाएं: इंडोर व आउटडोर बैडमिंटन कोर्ट, वालीबाल कोर्ट
लाभार्थी: छात्र-छात्राएं और स्थानीय नागरिक
परियोजना द्वितीय चरण
लागत: 2.93 करोड़ रुपये
कुल विद्यालय: नौ
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में एमडीडीए शहरी विकास के साथ सामाजिक विकास को भी समान महत्व दे रहा है। विद्यालयों में खेल अधोसंरचना का निर्माण भविष्य की पीढ़ी में निवेश है। इससे विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर मिलेगा और खेलों के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार होगा।