पिथौरागढ़: जनपद पिथौरागढ़ से रिश्तों और इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। यहां एक हैवान पिता ने अपनी ही नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म जैसी घिनौनी हरकत कर पिता-पुत्री के रिश्ते को शर्मसार किया। पीड़ित बच्ची की मां ने थल थाने में आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई। जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
पिथौरागढ़ जिले के थल थाना पुलिस के अनुसार, बीते 21 अगस्त को थाना क्षेत्र के अंतर्गत स्थित एक गांव की महिला ने अपने पति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। महिला ने बताया कि उसका पति राजन राम उनकी 14 वर्षीय नाबालिग बेटी के साथ काफी समय से जबरन दुष्कर्म करता आ रहा है। जिसके बाद पुलिस ने महिला द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की। थल थाने में आरोपी पिता के खिलाफ धारा 65(1) बीएनएस और पॉक्सो अधिनियम की धारा 5/6 के तहत मुकदमा दर्ज किया।
कलयुगी पिता के जुल्म सहती रही मासूम
पुलिस पूछताछ में नाबालिग बच्ची ने बताया कि उसका पिता पहले भी कई बार उसके साथ ऐसी घिनौनी हरकत कर चुका है। पीड़िता ने डर के मारे काफी समय तक ये बात छुपाए रखी, लेकिन जब उसका पिता बार-बार ये घिनौनी हरकत करने लगा तो पीड़िता ने किसी तरह हिम्मत जुटाकर अपनी मां को ये बात बताई। बेटी के मुंह से ये सब सुनकर मां के पैरों तले जमीन खिसक गई। जिसके बाद पीड़िता की मां ने अपने आरोपी पति के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई। सीओ केएस रावत ने बताया कि पूछताछ के बाद पीड़िता का मेडिकल टेस्ट किया गया। टेस्ट की रिपोर्ट में उसके साथ हुई दुष्कर्म की पुष्टि हुई।
हिरासत में हैवान
SSP पिथौरागढ़ रेखा यादव ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सीओ डीडीहाट केएस रावत के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया, और आरोपी की जल्द गिरफ्तारी के आदेश दिए। उनके आदेनुसार थानाध्यक्ष थल शंकर सिंह रावत के नेतृत्व में उपनिरीक्षक विनोद भट्ट, हेड कॉन्स्टेबल शंकर देवड़ी और कॉन्स्टेबल चालक जगदीश मारकोना की टीम ने 21 अगस्त को ही आरोपी को उसके घर से गिरफ्तार किया। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी राजन राम को न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय से आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
इस घटना से पूरे क्षेत्र के लोगों में आक्रोश है। पीड़िता की मां ने प्रशासन से आरोपी के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में कोई भी ऐसा कृत्य करने की हिम्मत न कर सके।