नैनीताल: उत्तराखंड के भीमताल क्षेत्र में चर्चित यौन शोषण मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी मोहम्मद यूनुस उर्फ एमडी को गिरफ्तार कर लिया है। उसे न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। इस गिरफ्तारी के बाद क्षेत्र में पहले से चल रहा विवाद और चर्चा फिर तेज हो गई है।<
जानकारी के अनुसार, नैनीताल निवासी 31 वर्षीय पीड़ित युवती ने कोतवाली में तहरीर देकर आरोपी पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। युवती के अनुसार, वर्ष 2020 में एक फोटोशूट के दौरान उसकी मुलाकात मोहम्मद यूनुस से हुई, जिसने खुद को “एमडी” नाम से परिचित कराया और अपनी असली पहचान छिपाए रखी। धीरे-धीरे दोनों के बीच संबंध बने, लेकिन युवती का आरोप है कि इसी दौरान आरोपी ने उसका यौन शोषण किया और उसे ब्लैकमेल करने लगा। युवती ने यह भी आरोप लगाया कि उसने भरोसे में आकर आरोपी पर लगभग 17 लाख रुपये खर्च कर दिए। इसमें कैमरा लेंस, मिनी डेस्कटॉप, मॉनिटर और मोबाइल फोन जैसे महंगे सामान शामिल हैं। जब उसने शादी की बात की और आरोपी के दस्तावेज देखे, तब उसकी असली पहचान सामने आई।शिकायत में यह भी कहा गया है कि युवती पर आरोपी द्वारा धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया जाता था। उसे मेकअप न करने, विशेष प्रकार का भोजन करने और ढीले कपड़े पहनने के लिए मजबूर किया जाता था। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट भी की गई। इन सब परिस्थितियों से परेशान होकर युवती ने संबंध खत्म कर लिया, लेकिन डर के कारण लंबे समय तक पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराई। हाल ही में सोशल मीडिया पर एक ऑडियो वायरल हुआ, जिसमें युवती आरोपी पर शोषण के आरोप लगाती सुनाई दी। इसी के बाद उसे हिम्मत मिली और उसने वकील के माध्यम से पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई।
पीड़ित महिला की शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 115, 319 और 69 के साथ-साथ उत्तराखंड धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम की धारा 3 और 5 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। इस संबंध में नैनीताल के एसपी जगदीश चंद्र ने पुष्टि करते हुए बताया कि शिकायत मिलने के बाद कार्रवाई करते हुए आरोपी को नैनीताल से गिरफ्तार किया गया।
पहले भी हुआ था हंगामा
करीब दो सप्ताह पहले इस मामले को लेकर भीमताल क्षेत्र में काफी हंगामा हुआ था। भाजपा जिला मंत्री मनोज भट्ट के नेतृत्व में कई लोगों ने कोतवाली पहुंचकर आरोपी पर हिंदू युवतियों के शोषण और ब्लैकमेलिंग के आरोप लगाए थे। पुलिस ने आरोपी के कमरे की तलाशी भी ली थी, जहां से आपत्तिजनक सामान मिलने के बाद कमरे को सील कर दिया गया था। हालांकि उस समय किसी महिला की ओर से शिकायत न मिलने के कारण कोई मुकदमा दर्ज नहीं हो सका था।