देहरादून: उत्तराखंड सरकार ने राज्य के सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों को बड़ी राहत देते हुए वार्षिक स्थानांतरण प्रक्रिया की समय-सीमा में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। पहले जहां स्थानांतरण प्रक्रिया को पूरा करने की अंतिम तिथि 10 जून निर्धारित थी, वहीं अब इसे बढ़ाकर 30 जून कर दिया गया है। शासन के इस फैसले से विभागों को स्थानांतरण से जुड़ी सभी औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए 20 दिन का अतिरिक्त समय मिल गया है।
राज्य शासन द्वारा जारी नए आदेश में यह स्पष्ट किया गया है कि अधिकांश स्थानांतरण प्रकरणों का निस्तारण अब विभागीय स्तर पर ही किया जाएगा। पहले कई मामलों में छोटी-छोटी फाइलें भी शासन स्तर तक पहुंचती थीं, जिससे प्रक्रिया में देरी होती थी। अब बीमारी, पारिवारिक परिस्थितियों या व्यक्तिगत अनुरोध के आधार पर होने वाले स्थानांतरणों पर विभाग स्वयं निर्णय ले सकेंगे। केवल जटिल और विशेष मामलों को ही शासन स्तर पर भेजा जाएगा। इससे कर्मचारियों के मामलों का निस्तारण तेजी से होने की संभावना बढ़ गई है।
क्यों बढ़ाई गई स्थानांतरण की समय-सीमा?
अपर सचिव कार्मिक गिरधारी सिंह रावत द्वारा जारी आदेश के अनुसार कई विभागों ने स्थानांतरण प्रक्रिया को पूरा करने के लिए अतिरिक्त समय की मांग की थी। विभागों का कहना था कि प्रशासनिक व्यस्तताओं और प्रक्रियात्मक जटिलताओं के कारण निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी मामलों का निपटारा करना कठिन हो रहा था। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने 20 दिनों की अतिरिक्त मोहलत देने का निर्णय लिया है, ताकि सभी विभाग अपने प्रस्तावों की समीक्षा, अनुमोदन और अंतिम आदेश जारी करने की प्रक्रिया को सुचारु रूप से पूरा कर सकें।समय-सीमा बढ़ने से उन कर्मचारियों को राहत मिलेगी जो स्वास्थ्य संबंधी कारणों, पारिवारिक परिस्थितियों या अन्य जरूरी वजहों से स्थानांतरण के लिए आवेदन कर चुके हैं। अब उनके मामलों पर विभागों को विचार करने और उचित निर्णय लेने के लिए अधिक समय मिलेगा। इससे कर्मचारियों की लंबित मांगों का समाधान आसान होगा और स्थानांतरण प्रक्रिया अधिक पारदर्शी तरीके से पूरी हो सकेगी।
विभागों की कार्यकुशलता पर भी पड़ेगा असर
सरकार के इस फैसले का प्रभाव केवल कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि विभागीय कार्यप्रणाली पर भी पड़ेगा। अतिरिक्त समय मिलने से विभाग स्थानांतरण प्रस्तावों की बेहतर जांच कर सकेंगे और नियमों के अनुरूप अंतिम सूची तैयार कर पाएंगे। शासन का मानना है कि इससे जल्दबाजी में लिए जाने वाले निर्णयों से बचा जा सकेगा और स्थानांतरण प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित तरीके से पूरी होगी।
30 जून तक हर हाल में जारी करने होंगे आदेश
नए आदेश के अनुसार सभी विभागों को 30 जून तक स्थानांतरण सूची और संबंधित आदेश जारी करने होंगे। इसके साथ ही स्थानांतरण प्रक्रिया से जुड़ी अन्य सभी गतिविधियों की समय-सीमा में भी 20 दिनों की वृद्धि हो गई है।
सरकार को उम्मीद है कि विभाग इस अतिरिक्त समय का उपयोग पूरी पारदर्शिता और नियमों के अनुरूप स्थानांतरण प्रक्रिया को सफलतापूर्वक संपन्न करने में करेंगे।