देहरादून: देहरादून प्रेमनगर स्थित गंगोत्री बॉयज हॉस्टल के पास हुई फायरिंग मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। घटना के दो दिन बाद पुलिस ने दोनों गुटों से जुड़े 7 उपद्रवी छात्रों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार छात्रों को जमानत पर छोड़ दिया गया है। साथ ही पुलिस ने संबंधित यूनिवर्सिटी को इन छात्रों के खिलाफ कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेज दी है।
पुलिस के अनुसार देहरादून के प्रेमनगर स्थित गंगोत्री बॉयज हॉस्टल के पास बीते 24 अगस्त को हुई फायरिंग मामले में फन एंड फूड मार्ग से एक छात्र को गिरफ्तार किया गया था। आरोपी छात्र ने पुलिस पूछताछ में बताया कि यह घटना यूनिवर्सिटी में चल रहे वर्चस्व विवाद का नतीजा थी। छात्र ने बताया कि उसने अपने एक साथी के साथ मिलकर यूनिवर्सिटी के विरोधी गुट को डराने और अपना दबदबा दिखाने के लिए फायरिंग की थी। छात्र द्वारा दिए गए बयान के बाद पुलिस ने कड़ा एक्शन लिया।
दोनों गुटों से जुड़े 7 छात्र गिरफ्तार
देहरादून एसएसपी अजय सिंह के निर्देश पर प्रेमनगर पुलिस ने जांच तेज करते हुए छात्र द्वारा बताए गए दोनों गुटों से जुड़े 7 छात्रों को चिन्हित कर गिरफ्तार किया। पुलिस ने इन सभी छात्रों को धारा 170 बीएनएसएस के तहत मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया। जहां से उन्हें भारी जमानत पर छोड़ दिया गया। पुलिस ने संबंधित यूनिवर्सिटी को इन छात्रों के खिलाफ कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेजी है। एसएसपी अजय सिंह ने कहा कि पढ़ाई की आड़ में अराजकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि कोई छात्र आपराधिक गतिविधियों में शामिल पाया जाता है, तो उसके खिलाफ न सिर्फ कानूनी कार्रवाई की जाएगी बल्कि संबंधित संस्थान से भी उसे बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा।
85 छात्र हो चुके हैं निष्कासित
पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस साल यानि 2025 में अब तक प्रदेश के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में कई उपद्रवी छात्रों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा चुकी है। पुलिस द्वारा भेजी गई रिपोर्ट के आधार पर अलग-अलग यूनिवर्सिटियों और कॉलेजों से करीब 85 छात्रों को अब तक निष्कासित किया जा चुका है। ऐसे में थाना प्रेमनगर पुलिस ने उपद्रवी छात्रों पर अंकुश लगाने के लिए एक विशेष टीम का गठन किया है। यह टीम क्षेत्र के यूनिवर्सिटी, कॉलेज और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में लगातार निगरानी रख रही है। पुलिस द्वारा पुराने विवादों की भी समीक्षा कर छात्रों को चिन्हित किया जा रहा है, ताकि भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना पर प्रतिबंध लगाया जा सके।