देहरादून: देहरादून में अधिक उम्र और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के कारण बैंक तक पहुंचने में असमर्थ बुजुर्ग पेंशनरों की सुविधा के लिए उत्तराखंड केंद्रीय पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने पहल की है। एसोसिएशन की ओर से 80 वर्ष और इससे अधिक आयु के पेंशनरों को डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र जमा करने की सुविधा की जानकारी दी गई, ताकि उन्हें इस जरूरी प्रक्रिया के लिए अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े।
रविवार को रायपुर रोड स्थित दुल्हनी के गढ़वाल भ्रातृ मंडल परिसर में डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र (DLC 5.0) शिविर आयोजित किया गया। इसमें वरिष्ठ पेंशनरों को बताया गया कि केंद्र सरकार की डिजिटल सुविधा के माध्यम से मोबाइल ऐप की मदद से घर बैठे जीवन प्रमाण-पत्र जमा किया जा सकता है। इससे खासतौर पर उन बुजुर्गों को राहत मिल सकती है, जिन्हें अधिक उम्र, खराब स्वास्थ्य या चलने-फिरने में कठिनाई के कारण बैंक तक पहुंचने में परेशानी होती है।
नवंबर में CGHS डिस्पेंसरियों में भी शिविर लगाने की तैयारी
एसोसिएशन के अध्यक्ष बलवीर सिंह नेगी ने बताया कि नवंबर में सीजीएचएस डिस्पेंसरियों में भी ऐसे शिविर आयोजित करने का प्रयास किया जाएगा। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक पेंशनरों तक डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र की सुविधा की जानकारी पहुंचाना और उन्हें इसका लाभ दिलाना है। एसोसिएशन के महासचिव आरडी सेमवाल ने कहा कि डिजिटल तकनीक के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों के लिए पेंशन से जुड़ी सेवाओं को अधिक सरल और सुलभ बनाया जा सकता है। इससे बुजुर्गों को जरूरी प्रक्रियाएं पूरी करने में आसानी होगी।
शिविर में एसोसिएशन और बैंक के अधिकारी रहे मौजूद
डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र शिविर में भारतीय स्टेट बैंक के उपप्रबंधक उमेश चंद्र जोशी, एसोसिएशन के संरक्षक तिलक राज शर्मा, उपाध्यक्ष एचएस काला, कोषाध्यक्ष अनिल कुमार उनियाल, राजेंद्र प्रसाद शास्त्री और गणेश कोठारी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।









