उत्तराखंड: हरिद्वार में हुई धामी कैबिनेट की बैठक, 10 बड़े प्रस्तावों को मिली मंजूरी.. 2 मिनट में पढ़िए

हरिद्वार: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सोमवार को हरिद्वार के मेला नियंत्रण सभागार में राज्य मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य के विकास, प्रशासनिक सुधार, रोजगार, आवास, जल एवं स्वच्छता और आपातकालीन सेवाओं से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा के बाद मंजूरी दी गई।

कैबिनेट ने कुल 10 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को अनुमोदन प्रदान किया। आइए जानते हैं बैठक में लिए गए सभी प्रमुख फैसलों के बारे में।

1. सेवामुक्त अग्निवीरों को भर्ती में मिलेगी छूट

धामी कैबिनेट ने राज्याधीन सेवाओं में समूह ‘ग’ के वर्दीधारी पदों पर सीधी भर्ती के लिए सेवामुक्त अग्निवीरों के सेवायोजन से संबंधित क्षैतिज आरक्षण नियमावली, 2026 को मंजूरी दी। नई नियमावली केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप तैयार की गई है। इसके तहत लिखित परीक्षा और शारीरिक मानक परीक्षा में छूट का प्रावधान किया गया है। इससे राज्य की संबंधित भर्तियों में पात्र सेवामुक्त अग्निवीरों को लाभ मिलने का रास्ता साफ होगा।

2. जन विश्वास संशोधन विधेयक विधानसभा में आएगा

व्यापारिक गतिविधियों को आसान बनाने और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए द्वितीय उत्तराखंड जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) विधेयक, 2026 को विधानसभा में प्रस्तुत करने की मंजूरी दी गई। इस विधेयक का उद्देश्य छोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करना, मामूली तकनीकी और प्रक्रियात्मक गलतियों के लिए नागरिक दंड एवं प्रशासनिक कार्रवाई का प्रावधान करना तथा अप्रचलित और अनावश्यक कानूनी प्रावधानों को हटाना है।

3. बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए नई नियमावली

कैबिनेट ने उत्तराखंड बाढ़ मैदान परिक्षेत्रण नियमावली, 2026 को मंजूरी दे दी। इसके माध्यम से बाढ़ संभावित क्षेत्रों में भूमि के उपयोग और विकास गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए विस्तृत प्रक्रिया और मानक निर्धारित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य बाढ़ के प्राकृतिक प्रवाह को बनाए रखना और जन-धन, संपत्ति तथा महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को संभावित नुकसान से बचाना है।

4. विधानसभा के तीसरे सत्र को मंजूरी

उत्तराखंड की पंचम विधानसभा के वर्ष 2026 के तृतीय सत्र को आहूत करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। सत्र की तारीख और स्थान निर्धारित करने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को अधिकृत किया गया है।

5. अग्निशमन और आपात सेवाओं के लिए नया विधेयक

प्रदेश में अग्निशमन एवं आपात सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने के लिए उत्तराखंड अग्निशमन एवं आपात सेवा विधेयक, 2026 को विधानसभा में प्रस्तुत करने की मंजूरी दी गई। यह विधेयक भारत सरकार के मॉडल फायर सर्विस बिल, 2019 के अनुरूप तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य औद्योगिक विकास, बढ़ते शहरीकरण, आपदाओं और आग की घटनाओं से जुड़ी चुनौतियों के मद्देनजर मौजूदा कानून को संशोधित कर नया कानूनी ढांचा तैयार करना है।

6. स्वजल और जल एवं स्वच्छता मिशन के 215 पदों को मंजूरी

कैबिनेट ने स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत स्वजल परियोजना प्रबंधन इकाई और राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन के कुल 215 पदों की निरंतरता को मंजूरी दी। इन पदों की अवधि 1 मार्च 2026 से 28 फरवरी 2027 तक बढ़ाई गई है। इनमें स्वजल के 189 और राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन के 26 पद शामिल हैं। संबंधित कर्मचारियों के वेतन और मानदेय का भुगतान पहले की तरह राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन द्वारा किया जाएगा।

7. हरिद्वार की आवासीय परियोजना को राहत

हरिद्वार जिले की भगवानपुर तहसील के सिसौना गांव में प्रस्तावित किफायती आवासीय परियोजना के पहुंच मार्ग की चौड़ाई में छूट देने को मंजूरी दी गई। करीब 8.1169 हेक्टेयर भूमि पर प्रस्तावित परियोजना के लिए नियमानुसार 9 मीटर चौड़ा पहुंच मार्ग निर्धारित था। हालांकि, उपलब्ध मार्ग 6 मीटर चौड़ा होने के कारण इसमें 3 मीटर की शिथिलता प्रदान की गई है। यह परियोजना प्रधानमंत्री आवास योजना और केंद्र एवं राज्य सरकार की आवास नीति के अनुरूप प्रस्तावित है।

8. ऊधमसिंह नगर में खसरा संख्या की त्रुटि सुधरेगी

कैबिनेट ने बाजपुर तहसील के भौना इस्लामनगर गांव में 24,280 वर्गमीटर भूमि के भू-उपयोग परिवर्तन संबंधी शासनादेश में खसरा संख्या की गलती सुधारने को मंजूरी दी। 10 नवंबर 2023 के शासनादेश में गलत दर्ज खसरा संख्या 321/1अ के स्थान पर सही संख्या 321/2अ अंकित की जाएगी। यह सुधार औद्योगिक से आवासीय भू-उपयोग परिवर्तन से संबंधित है।

9. मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार योजना को मंजूरी

प्रदेश के साहसी बच्चों को सम्मानित करने के लिए मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार योजना को मंजूरी दी गई। इसके तहत विपरीत परिस्थितियों में धैर्य, असाधारण साहस, पराक्रम, मानवीय संवेदना और वीरता का परिचय देने वाले बच्चों को सम्मानित किया जाएगा। योजना का उद्देश्य बच्चों को प्रोत्साहित करना और उन्हें दूसरे बच्चों के लिए प्रेरणा बनाना है।

10. मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान का होगा विकास

हरिद्वार के ऋषिकुल स्थित मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान के विकास और विस्तार के लिए सोसायटी के गठन को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई। योजना के तहत संस्थान को कई केंद्रों के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव है। इनमें योग एवं ध्यान केंद्र, आयुर्वेद अध्ययन एवं अनुसंधान केंद्र, ज्योतिष एवं प्राच्य अध्ययन केंद्र, ललित कला केंद्र, हिंदू अध्ययन एवं दर्शन केंद्र और आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र शामिल हैं। इस पहल का उद्देश्य भारतीय ज्ञान परंपरा, प्राचीन विज्ञान, संस्कृति और आधुनिक शोध को बढ़ावा देना है।

धामी कैबिनेट के फैसलों में रोजगार, सुरक्षा और विकास पर जोर

हरिद्वार में हुई इस कैबिनेट बैठक में रोजगार से जुड़े नियमों, बाढ़ प्रबंधन, अग्निशमन सेवाओं, आवास, स्वच्छता और सांस्कृतिक शोध संस्थान के विकास जैसे मुद्दों को शामिल किया गया। सेवामुक्त अग्निवीरों के लिए नई नियमावली और बाल वीरता पुरस्कार योजना बैठक के प्रमुख फैसलों में शामिल रहे।

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