“अल्टीमेट उत्तराखंड एमटीबी (MTB) चैलेंज” का अक्टूबर में होगा दुबारा आयोजन, पहाड़ में होगा फिर 700 किमी का रोमांचक महा साइकिलिंग कुंभ

14 से 20 अक्टूबर तक होगा 700 किमी का रोमांचक महा-साइकिल अभियान

सचिव पर्यटन की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक; साइकिल फेडरेशन ऑफ इंडिया, GMVN, KMVN एवं समस्त जिला पर्यटन विकास अधिकारी रहे उपस्थित

देहरादून: उत्तराखंड के माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी के दिशा-निर्देशन में उत्तराखंड में शीतकालीन पर्यटन (Winter Tourism) को बढ़ावा देने हेतु एक मार्की इवेंट के रूप में “अल्टीमेट उत्तराखंड एमटीबी चैलेंज” का revival किया जा रहा है, जिससे राज्य दुनिया के नक्शे पर सबसे रोमांचक साहसिक पर्यटन गंतव्य के रूप में और भी चमकेगा। इसी क्रम में आज सचिव पर्यटन, श्री धीराज सिंह गर्ब्याल की अध्यक्षता में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में “अल्टीमेट उत्तराखंड एमटीबी चैलेंज 2026” की शानदार वापसी का औपचारिक बिगुल फूंक दिया गया।

बैठक में साइकिल फेडरेशन ऑफ इंडिया (CFI) के महासचिव श्री मनिंदर पाल सिंह, कोषाध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष श्री विमल चौधरी तथा श्री ओंकार सिंह विशेष रूप से मौजूद रहे। इनके अतिरिक्त गढ़वाल मंडल विकास निगम (GMVN) एवं कुमाऊं मंडल विकास निगम (KMVN) के प्रबंध निदेशकगण तथा प्रदेश भर के जिला पर्यटन विकास अधिकारियों ने भी बैठक में शिरकत की।

सात दिनों तक चलने वाला यह महा-आयोजन 14 से 20 अक्टूबर, 2026 के बीच आयोजित होगा और पहाड़ों के दुर्गम रास्तो को पार करते हुए करीब 700 किलोमीटर का सफर तय करेगा, जो राज्य के अधिकांश जिलों से होकर गुजरेगा। खास बात यह है कि इस बार का रूट सामान्य मार्गों तक सीमित नहीं रहेगा — विशेष रूप से चुने गए ऑफ-रोडिंग ट्रैक्स इसमें रोमांच का तड़का लगाएंगे, जिससे हिमालय की जांबाज़ भावना और पहाड़ों का असली जुनून सवारों को कदम-कदम पर महसूस होगा। इस आयोजन में 60 से अधिक अंतरराष्ट्रीय एलीट, UCI-लाइसेंसधारी पेशेवर साइक्लिस्ट्स दुनियाभर से दमखम आजमाने पहुंचेंगे।

अनंतिम रूट के अनुसार यह रोमांचक सफर नैनीताल जिले के मुक्तेश्वर से शुरू होकर बागेश्वर, कर्णप्रयाग, गुप्तकाशी एवं टिहरी की वादियों से गुजरता हुआ देहरादून जिले की मसूरी की पहाड़ियों में जाकर संपन्न होगा।

बैठक में सचिव पर्यटन ने स्पष्ट निर्देश दिए कि साइकिल फेडरेशन ऑफ इंडिया, उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड (UTDB), KMVN, GMVN एवं अन्य तकनीकी विशेषज्ञों की एक संयुक्त टीम आगामी एक सप्ताह के भीतर पूरे रूट की रेकी (Recce) पूरी करे, ताकि हर मोड़, हर चढ़ाई और हर ट्रैक को परख कर आयोजन को पूरी तरह सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाया जा सके।

इस अवसर पर सचिव पर्यटन ने कहा कि यह आयोजन उत्तराखंड को भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के साहसिक पर्यटन मानचित्र पर एक चमकते सितारे के रूप में स्थापित करने के संकल्प की झलक है। उन्होंने कहा कि यह पहल प्रदेश की अद्भुत प्राकृतिक सुंदरता, ऊंचे-नीचे पहाड़ी भूगोल, समृद्ध संस्कृति और यहां के जीवंत स्थानीय समुदाय की पहचान को देश-दुनिया के सामने गर्व से पेश करने का सुनहरा मौका है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस आयोजन को अब से राज्य के वार्षिक पर्यटन कैलेंडर (Annual Event Calendar ) का स्थायी हिस्सा बनाया जाएगा, जिससे यह हर वर्ष उत्तराखंड में साहसिक पर्यटन के एक बड़े और नियमित उत्सव के रूप में मनाया जा सके।

उन्होंने आगे कहा कि यह प्रयास माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी के दूरदर्शी विजन एवं माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन से प्रेरित है, जिनका सपना है कि उत्तराखंड बारहों महीने पर्यटकों की पहली पसंद बने। इसी सोच के तहत वेलनेस और एडवेंचर टूरिज्म को नई ऊंचाइयां देने के साथ-साथ सीमांत गांवों में रोजगार के नए द्वार खोलना, स्थानीय समुदाय की भागीदारी बढ़ाना और समग्र आर्थिक-सामाजिक विकास सुनिश्चित करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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