देहरादून। देश में आपराधिक न्याय व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, आधुनिक और समयबद्ध बनाने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया है। मई 2027 के बाद दर्ज होने वाले आपराधिक मामलों में दोषियों को तीन वर्ष के भीतर सजा दिलाने के लिए प्रभावी व्यवस्था विकसित की जाएगी। इसके लिए पुलिस जांच, अभियोजन और न्यायालय की कार्यवाही को डिजिटल माध्यम से एक-दूसरे से जोड़ा जा रहा है, ताकि मामलों के निस्तारण में होने वाली अनावश्यक देरी को समाप्त किया जा सके।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को देहरादून स्थित रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित उत्तराखंड पुलिस के राष्ट्रपति पुलिस निशान अलंकरण समारोह में यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि तीन नए आपराधिक कानूनों का उद्देश्य केवल पुराने कानूनों में बदलाव करना नहीं, बल्कि देश की पूरी आपराधिक न्याय प्रणाली को आधुनिक तकनीक के अनुरूप तैयार करना है।
डिजिटल समन्वय से तेज होगी न्याय प्रक्रिया
गृह मंत्री ने कहा कि तकनीक और फॉरेंसिक विज्ञान के व्यापक उपयोग से आपराधिक मामलों की जांच अधिक प्रभावी और साक्ष्य आधारित होगी। पुलिस, अभियोजन और न्यायालय के बीच डिजिटल समन्वय स्थापित होने से जांच से लेकर न्यायिक निर्णय तक की प्रक्रिया में तेजी आएगी। सरकार का प्रयास है कि आम नागरिकों को वर्षों तक न्यायालयों के चक्कर न काटने पड़ें और उन्हें निर्धारित समयसीमा में न्याय मिल सके।
उत्तराखंड पुलिस के योगदान की सराहना
अमित शाह ने उत्तराखंड पुलिस की कार्यशैली और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि लगभग 13 हजार जवानों से शुरू हुआ पुलिस बल आज 26 हजार से अधिक कर्मियों तक पहुंच चुका है। विषम भौगोलिक परिस्थितियों, प्राकृतिक आपदाओं और हर वर्ष बढ़ते पर्यटक दबाव के बावजूद उत्तराखंड पुलिस ने साहस, संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया है।
इस अवसर पर उन्होंने कर्तव्य पालन के दौरान सर्वोच्च बलिदान देने वाले उत्तराखंड पुलिस के 206 वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
तीन साल में उत्तराखंड को नशामुक्त बनाने का लक्ष्य
केंद्रीय गृह मंत्री ने उत्तराखंड को अगले तीन वर्षों में नशामुक्त बनाने का लक्ष्य भी निर्धारित करने की बात कही। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ प्रभावी अभियान चलाने के साथ युवाओं को इस सामाजिक बुराई से बचाने के लिए व्यापक प्रयास करने होंगे।
उन्होंने सीमांत क्षेत्रों के विकास और पलायन रोकने के लिए केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के माध्यम से सीमावर्ती गांवों में बुनियादी सुविधाओं और विकास कार्यों को गति दी जा रही है। सीमांत क्षेत्रों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना भी सरकार की प्राथमिकता है।









