श्रीनगर गढ़वाल: हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय (HNBGU) के छात्रसंघ चुनाव में जय हो छात्र संगठन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अध्यक्ष पद समेत छात्रा प्रतिनिधि और कोषाध्यक्ष पद पर अपना कब्जा जमाया। अध्यक्ष पद पर जय हो के हिमांशु भंडारी ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी एबीवीपी के भुवन चमोली को 1505 मतों के रिकॉर्ड अंतर से हराकर बड़ी जीत दर्ज की।
चुनाव परिणाम सामने आने के बाद जय हो समर्थकों में खासा उत्साह देखने को मिला। वहीं विश्वविद्यालय प्रतिनिधि (यूआर) पद पर आइसा के युवराज सिंह ने एबीवीपी के अंशुमन को 1153 मतों के बड़े अंतर से हराया।
हिमांशु भंडारी की 1505 वोटों से रिकॉर्ड जीत
गढ़वाल विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में अध्यक्ष पद का मुकाबला खासा महत्वपूर्ण रहा। जय हो के हिमांशु भंडारी ने 1505 मतों के अंतर से जीत हासिल कर अपनी मजबूत स्थिति दर्ज कराई। उनकी जीत के बाद जय हो समर्थकों ने श्रीनगर में जमकर जश्न मनाया।
अध्यक्ष पद पर एबीवीपी के भुवन चमोली को हार का सामना करना पड़ा। वहीं छात्रसंघ के कई प्रमुख पदों पर भी एबीवीपी को सफलता नहीं मिल सकी।
जय हो ने इन प्रमुख पदों पर दर्ज की जीत
चुनाव परिणाम के मुताबिक जय हो छात्र संगठन ने अध्यक्ष पद के अलावा छात्रा प्रतिनिधि और कोषाध्यक्ष पद पर भी जीत हासिल की।
अध्यक्ष: हिमांशु भंडारी — जय हो
छात्रा प्रतिनिधि: सुनिधि सिंह — जय हो
कोषाध्यक्ष: रामरूप गुर्जर — जय हो, निर्विरोध
उपाध्यक्ष: पुलकित अग्रवाल — छात्रम संगठन
महासचिव: मयंक बहुगुणा — एनएसयूआई
सहसचिव: अमन कुनियाल
विश्वविद्यालय प्रतिनिधि (यूआर): युवराज सिंह — आइसा
छात्रा प्रतिनिधि पद पर जय हो की सुनिधि सिंह ने एबीवीपी की गौतमी भट्ट को मात दी। वहीं कोषाध्यक्ष पद पर जय हो के रामरूप गुर्जर निर्विरोध निर्वाचित हुए।
उपाध्यक्ष पद पर छात्रम संगठन के पुलकित अग्रवाल ने आइसा की प्रीति वर्मा को हराया। महासचिव पद पर एनएसयूआई के मयंक बहुगुणा ने आर्यन पंकज को पराजित किया। सहसचिव पद पर अमन कुनियाल ने निशा को महज 42 मतों के अंतर से हराया।
यूआर पद पर भी एबीवीपी को झटका
विश्वविद्यालय प्रतिनिधि (यूआर) पद पर आइसा के युवराज सिंह ने एबीवीपी के अंशुमन को 1153 मतों के अंतर से शिकस्त दी। इस परिणाम को भी चुनाव के प्रमुख उलटफेरों में माना जा रहा है।
देर रात घोषित हुआ चुनाव परिणाम, अगले दिन शपथ ग्रहण
गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव का परिणाम देर रात घोषित किया गया। इसके बाद शनिवार को बिड़ला परिसर के एसीएल हॉल में नवनिर्वाचित छात्रसंघ पदाधिकारियों का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया।
मुख्य चुनाव अधिकारी प्रो. एमसी सती ने अध्यक्ष हिमांशु भंडारी समेत सभी नवनिर्वाचित पदाधिकारियों और कार्यकारिणी सदस्यों को पद एवं कर्तव्य की शपथ दिलाई।
नवनिर्वाचित छात्रसंघ पदाधिकारियों ने ली शपथ
शपथ ग्रहण समारोह में अध्यक्ष हिमांशु भंडारी, उपाध्यक्ष पुलकित अग्रवाल, महासचिव मयंक बहुगुणा, सहसचिव अमन कुनियाल, कोषाध्यक्ष रामरूप गुर्जर, यूआर युवराज सिंह और छात्रा प्रतिनिधि सुनिधि सिंह ने पद एवं कर्तव्य की शपथ ली।
इसके अलावा कार्यकारिणी सदस्य **ऋतुराज, अंकुर यादव, नवनीत कुमार और अभिराज नेगी** ने भी शपथ ग्रहण की।
मुख्य चुनाव अधिकारी प्रो. एमसी सती ने चुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने में सहयोग के लिए छात्र-छात्राओं का आभार जताया।
बाहरी छात्र नेताओं के जमावड़े के बावजूद जीत का दावा
जय हो संगठन के जिलाध्यक्ष आयुष मियां और पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष अंकित रावत ने दावा किया कि चुनाव प्रचार के दौरान एबीवीपी की ओर से प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में छात्र नेताओं को श्रीनगर लाया गया था।
संगठन का दावा है कि 200 से अधिक बाहरी छात्र नेता श्रीनगर में मौजूद रहे और छात्रों को प्रभावित करने का प्रयास किया गया। हालांकि, जय हो नेताओं के मुताबिक इसके बावजूद एबीवीपी को चुनाव में अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी।
जीत के बाद जय हो के विस्तार की तैयारी
जय हो के कार्तिकेय बहुगुणा ने कहा कि गढ़वाल विश्वविद्यालय में मिली जीत के बाद संगठन का विस्तार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में होने वाले आगामी छात्रसंघ चुनाव में विभिन्न कॉलेज परिसरों में जय हो अपने प्रत्याशियों को मैदान में उतारेगा।
उन्होंने अगस्त्यमुनि समेत अन्य परिसरों में भी संगठन को मजबूत करने की बात कही।
समर्थकों ने दी नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई
शपथ ग्रहण समारोह और जीत के बाद जय हो समर्थकों में उत्साह देखने को मिला। इस दौरान जय हो के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष दिव्यांशु बहुगुणा, कैवल्य जखमोला, वीरेंद्र बिष्ट, शिवांश डोभाल, रजत रावत और दीक्षराज समेत बड़ी संख्या में समर्थकों ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई दी।
गढ़वाल विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव का संदेश
गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में जय हो के अध्यक्ष पद पर 1505 वोटों के रिकॉर्ड अंतर से मिली जीत ने छात्र राजनीति में संगठन की स्थिति को मजबूत किया है। वहीं यूआर पद पर आइसा और महासचिव पद पर एनएसयूआई की जीत ने चुनावी मुकाबले को बहुकोणीय बना दिया। अब नवनिर्वाचित छात्रसंघ के सामने चुनावी वादों को पूरा करने और छात्रों से जुड़े मुद्दों को विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने प्रभावी ढंग से उठाने की चुनौती होगी।








