उत्तरकाशी: उत्तराखंड के केदारताल ट्रैक पर हुए हिमस्खलन के बाद लापता आठ ट्रैकर्स में लखनऊ की दो सगी बहनें वर्तिका वर्मा और दीपिका वर्मा भी शामिल हैं। मंगलवार को उनके भाई अतुल वर्मा अपने परिजनों के साथ बहनों की तलाश में उत्तरकाशी पहुंचे। उनका कहना है कि ट्रैकिंग एजेंसी ने उन्हें हादसे की जानकारी नहीं दी। उन्हें सोशल मीडिया के जरिए घटना का पता चला, जिसके बाद वह उत्तरकाशी आए हैं।
लखनऊ के गायत्रीपुरम की रहने वाली वर्तिका और दीपिका को ट्रैकिंग का शौक था। उनके भाई अतुल वर्मा के मुताबिक, वर्तिका फ्रीलांस इन्फ्लुएंसर हैं, जबकि दीपिका एक निजी कंपनी में ग्राफिक्स डिजाइनर के तौर पर काम करती हैं। दोनों बहनें इससे पहले भारत और नेपाल के कई ट्रैक सफलतापूर्वक पूरे कर चुकी थीं। करीब दो महीने पहले ही वे फूलों की घाटी और हेमकुंड साहिब की यात्रा से लौटी थीं। इससे पहले एक साल पूर्व अतुल वर्मा और उनकी दोनों बहनों ने दो दोस्तों के साथ उत्तरकाशी के मोरी क्षेत्र में केदारकांठा ट्रैकिंग की थी। परिजनों के अनुसार, दोनों बहनों ने ट्रैकिंग के लिए जरूरी सुविधाएं और सामान अपने साथ रखा हुआ था। भाई अतुल को अब भी उम्मीद है कि उनकी बहनें सुरक्षित लौट आएंगी।
दो ट्रैकर्स के मिले शव, छह की तलाश जारी
केदारताल ट्रैक पर कच्ची ढांग के पास फंसे आठ ट्रैकर्स की तलाश में जुटी एसडीआरएफ और नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (निम) की हाई एल्टीट्यूड रेस्क्यू टीम को मंगलवार को दो शव मिले। इनमें एक महिला और एक पुरुष शामिल हैं। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने इसकी पुष्टि की है। मौसम साफ होने के बाद रेस्क्यू टीम ने समुद्रतल से करीब चार हजार मीटर की ऊंचाई पर अभियान चलाया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, मिले दोनों शव लापता ट्रैकर्स के बताए जा रहे हैं। बुधवार को हेलिकॉप्टर के माध्यम से शवों को हर्षिल हेलीपैड लाने की योजना है।
छह लापता ट्रैकर्स की तलाश में रेस्क्यू अभियान जारी
दो शव मिलने के बाद भी रेस्क्यू टीम ने बाकी छह ट्रैकर्स की तलाश जारी रखी है। एसडीआरएफ के सेनानायक अर्पण यदुवंशी के अनुसार, बुधवार को अभियान में जुटी टीम की सहायता के लिए एक अतिरिक्त टीम रसद और अन्य लाइफ सपोर्ट सामग्री के साथ केदारखड़क भेजी जाएगी। फिलहाल लापता ट्रैकर्स के परिजन उनकी सुरक्षित वापसी की उम्मीद लगाए हुए हैं और रेस्क्यू टीम दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में लगातार खोज अभियान चला रही है।









