उत्तराखंड: BJP प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में मिशन 2027 पर मंथन, CM धामी और नितिन नवीन ने भी की शिरकत

हल्द्वानी: हल्द्वानी में भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक आज आयोजित हो रही है। बैठक की शुरुआत से पहले पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों ने ध्वजारोहण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम, पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत, सरकार के मंत्री, प्रदेश पदाधिकारी, सभी जिलों के अध्यक्ष-महामंत्री और मोर्चा-प्रकोष्ठों के पदाधिकारी मौजूद रहे।

दोपहर करीब तीन बजे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी हल्द्वानी पहुंचे। इस दौरान उन्हें बाबा नीम करौली महाराज की तस्वीर भेंट कर स्वागत किया गया। नितिन नवीन के उत्तराखंड दौरे को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला। नैनीताल भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप सिंह बिष्ट ने इसे कार्यकर्ताओं के लिए ऐतिहासिक अवसर बताया। उन्होंने कहा कि युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष को देखने और सुनने को लेकर कार्यकर्ताओं में उत्साह है। उनके दौरे से पूरे प्रदेश में नई ऊर्जा का संचार हुआ है।

कार्यसमिति में दो राजनीतिक प्रस्ताव पारित

भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में आज दो राजनीतिक प्रस्ताव पारित किए गए। पहले प्रस्ताव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 साल के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के कार्यकाल पर चर्चा की गई। प्रस्ताव के माध्यम से उनकी उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए आभार जताया गया। दूसरे राजनीतिक प्रस्ताव में हल्द्वानी शुद्धिकरण मामले पर कांग्रेस के रुख की निंदा की गई। पार्टी ने स्पष्ट किया कि आगामी चुनाव में विकास, विरासत और संरक्षण को प्रमुख मुद्दा बनाया जाएगा। साथ ही भाजपा नेताओं ने कांग्रेस का राजनीतिक विरोध जनता के बीच मजबूती से करने का संकल्प जताया

विकसित उत्तराखंड से विकसित भारत’ का संकल्प

प्रदेश कार्यसमिति में ‘विकसित उत्तराखंड से विकसित भारत’ का संकल्प भी रखा गया। केंद्रीय राज्यमंत्री अजय टम्टा ने यह प्रस्ताव प्रस्तुत किया। भाजपा का फोकस उत्तराखंड के विकास को केंद्र की विकास योजनाओं से जोड़ते हुए आगामी चुनाव में विकास के मुद्दे को प्रमुखता देने पर है।

2027 के लिए मंत्रियों और विधायकों का रिपोर्ट कार्ड तैयार होगा?

भाजपा की यह दो दिवसीय प्रदेश कार्यसमिति सिर्फ संगठनात्मक बैठक तक सीमित नहीं मानी जा रही है। 2027 विधानसभा चुनाव को देखते हुए इसे मंत्रियों और विधायकों के प्रदर्शन के आकलन के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, चुनावी तैयारियों में जमीनी संगठन की रिपोर्ट को अहम माना जा सकता है। इसमें विधानसभा क्षेत्र में विधायक की सक्रियता, जनता और कार्यकर्ताओं के साथ संवाद, बूथ समितियों की स्थिति और मंडल स्तर पर संगठन की मजबूती जैसे बिंदुओं पर फीडबैक लिया जाएगा।

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