देहरादून: उत्तराखंड में स्वाइन फ्लू के मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। दिल्ली, कर्नाटक, महाराष्ट्र, गुजरात, हरियाणा और केरल के बाद अब उत्तराखंड में भी इंफ्लुएंजा H1N1 के मामले सामने आए हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, अगस्त महीने में अब तक प्रदेश में 31 मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हो चुकी है। इनमें ज्यादातर मरीज देहरादून के बताए जा रहे हैं। मामलों में बढ़ोतरी के बाद स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेशभर में निगरानी बढ़ा दी है और सभी जिलों को अस्पतालों में जरूरी इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
सभी जिलों के सीएमओ को दिए गए निर्देश
राज्य सर्विलांस अधिकारी डॉ. पंकज के अनुसार सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को जिला स्तर पर अस्पतालों की व्यवस्थाएं पुख्ता करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही सरकारी और निजी अस्पतालों तथा मेडिकल कॉलेजों को भी स्क्रीनिंग बढ़ाने के लिए कहा गया है। जिन मरीजों में स्वाइन फ्लू के शुरुआती लक्षण दिखाई दे रहे हैं, उनकी आवश्यक जांच सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से इलाज को लेकर SOP तैयार करने की प्रक्रिया भी चल रही है
चार से अधिक मामले मिलने पर पहुंचेगी Rapid Response Team
स्वाइन फ्लू की स्थिति पर एकीकृत रोग निगरानी परियोजना (IDSP) लगातार नजर रख रही है। इसके लिए सभी जिलों में Rapid Response Teams को सक्रिय कर दिया गया है। किसी क्षेत्र में चार से अधिक मामले सामने आने पर टीम वहां पहुंचकर स्क्रीनिंग करेगी। एक Rapid Response Team में चार स्वास्थ्यकर्मी शामिल होंगे। इनमें एक फिजिशियन, एक विशेषज्ञ और दो अन्य स्वास्थ्यकर्मी शामिल हैं।
अस्पतालों में ये व्यवस्थाएं रखने के निर्देश
स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी में चिकित्सा संस्थानों को आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है। अस्पतालों में पर्याप्त मात्रा में इंफ्लुएंजा टेस्टिंग किट, PPE किट, मास्क, VTM वॉयल, ओसेल्टामिविर दवा और वेंटिलेटर उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने सभी चिकित्सा संस्थानों को अपनी तैयारियों की समीक्षा करने को कहा है। एडवाइजरी में लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
Swine Flu Symptoms: सामान्य वायरल जैसे दिखते हैं लक्षण
विशेषज्ञों के मुताबिक स्वाइन फ्लू के शुरुआती लक्षण कई बार सामान्य वायरल या फ्लू जैसे ही दिखाई दे सकते हैं। इसलिए इन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। संभावित लक्षणों में अचानक बुखार, ठंड लगना, खांसी, नाक बहना, सांस लेने में परेशानी, मांसपेशियों में दर्द, उल्टी और अत्यधिक थकान शामिल हैं। इनमें से कुछ लक्षण सामान्य वायरल संक्रमण में भी दिखाई दे सकते हैं। ऐसे में बीमारी की पुष्टि के लिए डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
वायरस में Mutation से आते हैं बदलाव
राजकीय दून मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. विजय भंडारी के अनुसार वायरस अपने आनुवंशिक बदलाव यानी Mutation के कारण नए रूप में सामने आ सकता है। कई बार अलग-अलग जीन में बदलाव होने से वायरस के नए रूप देखने को मिलते हैं। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि H1N1 से निपटने के लिए प्रदेश की सभी चिकित्सा इकाइयों को आवश्यक तैयारियां दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य सचिव विनय शंकर पांडेय के अनुसार, इंफ्लुएंजा H1N1 वायरस से निपटने के लिए हर स्तर पर तैयारी की जा रही है।
Uttarakhand में बढ़ते H1N1 मामलों को लेकर निगरानी बढ़ी
अगस्त में 31 मामलों की पुष्टि के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जिलों में निगरानी और स्क्रीनिंग बढ़ा दी है। खासतौर पर देहरादून में अधिक मामले सामने आने के कारण स्वास्थ्य विभाग की नजर स्थिति पर बनी हुई है। लोगों में फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने पर उन्हें इसे सामान्य वायरल मानकर नजरअंदाज करने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की जा रही है।









