उत्तरकाशी: केदारताल ट्रैक पर 8 लोग लापता, भारी बर्फबारी और हिमस्खलन में 5 दिन से चल रहा रेस्क्यू

उत्तरकाशी: केदारताल ट्रैक पर लापता सात पर्यटकों और एक गाइड की तलाश में रेस्क्यू अभियान तेज कर दिया गया है। सोमवार, 2 नवंबर को SDRF और नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (NIM) की प्रशिक्षित टीम को हेलीकॉप्टर के जरिए केदारताल क्षेत्र में भेजा गया। हालांकि, इससे पहले की हवाई रेकी और जमीनी तलाशी में लापता लोगों का कोई सुराग नहीं मिल पाया था।

गंगोत्री हिमालय के दुर्गम केदारताल ट्रैक पर 27 अक्टूबर को 12 सदस्यीय दल रवाना हुआ था। इसमें सात पर्यटक, एक गाइड, एक रसोइया और तीन पोर्टर शामिल थे। दल को 29 अक्टूबर तक वापस लौटना था, लेकिन अचानक मौसम खराब होने, भारी बर्फबारी और हिमस्खलन के कारण रास्ता बंद हो गया। 30 अक्टूबर को ट्रेकिंग एजेंसी के जरिए संपर्क होने पर दल ने कच्ची ढांग के पास सुरक्षित होने की जानकारी दी थी और मदद मांगी थी।

चार सदस्य सुरक्षित निकाले गए, आठ अब भी लापता

रेस्क्यू अभियान के दौरान तीन पोर्टर और एक रसोइये को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। ये चारों कच्ची ढांग के पास मिले थे। वहीं, सात पर्यटक और एक गाइड अब भी लापता हैं। उनकी तलाश में SDRF, NDRF, वन विभाग, पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें जुटी हुई हैं। लापता लोगों में पश्चिम बंगाल के पांच पर्यटक, उत्तर प्रदेश की दो महिला पर्यटक और उत्तरकाशी का एक स्थानीय गाइड शामिल है। तीन दिन से अधिक समय बीतने के बाद भी इन आठ लोगों का कोई स्पष्ट सुराग नहीं मिल पाया है।

सोमवार को हेलीकॉप्टर से भेजी गई SDRF-NIM की टीम

सोमवार सुबह करीब 7:35 बजे देहरादून से हेलीकॉप्टर हर्षिल के लिए रवाना हुआ और करीब 8:10 बजे वहां पहुंचा।

इसके बाद सुबह 8:35 बजे NIM के दो और SDRF के छह सदस्यों सहित आठ रेस्क्यू कर्मियों को हेलीकॉप्टर से केदारताल क्षेत्र की ओर रवाना किया गया। टीम का उद्देश्य लापता लोगों की आखिरी बताई गई लोकेशन के आसपास पहुंचकर जमीनी तलाशी अभियान चलाना है। इससे पहले रविवार को हेलीकॉप्टर से केदारताल, भोजखड़क और कच्ची ढांग के आसपास दो बार हवाई रेकी की गई थी, लेकिन ट्रेकर्स या उनके टेंट दिखाई नहीं दिए।

हिमस्खलन और संकरी घाटियां बनीं बड़ी चुनौती

रेस्क्यू अभियान में सबसे बड़ी बाधा रास्ते में आए हिमस्खलन और दुर्गम पहाड़ी भूभाग से आ रही है। भोजखड़क से आगे कई स्थानों पर भारी हिमस्खलन के कारण ट्रैक क्षतिग्रस्त हो गया है। बचाव दलों को रास्ते में बड़े हिमस्खलन पार करने पड़े, जिसके चलते आगे बढ़ना जोखिम भरा हो गया। रविवार को हेलीकॉप्टर से तलाशी के दौरान भी संकरी घाटियों और गहरी खाइयों के कारण हेलीकॉप्टर को नीचे उतारने में परेशानी हुई। जमीनी टीमों को भी खराब मौसम और बर्फ से ढके रास्तों के कारण आगे बढ़ने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा।

तीन दिन से जारी है तलाश, अब जमीनी सर्च पर जोर

लापता आठ लोगों की तलाश के लिए पहले SDRF और NDRF की टीमें भेजी गई थीं। SDRF की टीम भोजखड़क तक पहुंची, लेकिन आगे का रास्ता सुरक्षित नहीं होने के कारण तलाशी को आगे बढ़ाना मुश्किल हुआ। इसके बाद हेलीकॉप्टर से हवाई निगरानी की गई, लेकिन कोई स्पष्ट संकेत नहीं मिला। अब SDRF और NIM की विशेषज्ञ टीम को क्षेत्र में भेजकर जमीनी तलाशी अभियान पर जोर दिया जा रहा है। प्रशासन और बचाव दलों के सामने सबसे बड़ी चुनौती मौसम और हिमस्खलन के खतरे के बीच लापता आठ लोगों तक पहुंचना है।

 

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