उत्तराखंड सचिवालय में महिला अधिकारी से छेड़छाड़ का आरोप, कर्मचारियों ने की पिटाई; उपनल कर्मचारी सरेंडर

देहरादून। उत्तराखंड सचिवालय में महिला अधिकारी को कथित तौर पर परेशान करने और आपत्तिजनक एसएमएस भेजने का मामला सामने आया है। आरोपों से नाराज साथी कर्मचारियों ने बुधवार को एटीएम चौक के पास संबंधित उपनल कर्मचारी की पिटाई कर दी। घटना के बाद सचिवालय परिसर में हड़कंप मच गया। मामले की जांच के बाद सचिवालय प्रशासन ने आरोपी कर्मचारी को उपनल मुख्यालय भेजकर सरेंडर करा दिया है।

जानकारी के अनुसार, सचिवालय में उपनल के माध्यम से तैनात एक कर्मचारी पर महिला अनुभाग अधिकारी को लगातार परेशान करने और आपत्तिजनक संदेश भेजने के आरोप लगे थे। बुधवार को इस मामले को लेकर कुछ कर्मचारी आक्रोशित हो गए। उन्होंने सचिवालय परिसर स्थित एटीएम चौक के पास कर्मचारी को घेर लिया और उसकी पिटाई कर दी। घटना के बाद मामला सचिवालय प्रशासन तक पहुंचा।

सचिवालय प्रशासन ने जांच के बाद की कार्रवाई

सचिवालय संघ के अध्यक्ष दीपक जोशी ने पूरे घटनाक्रम से सचिवालय प्रशासन को अवगत कराया। इसके बाद मामले की जांच कराई गई। सचिवालय प्रशासन के सचिव युगल किशोर पंत के अनुसार, संबंधित कर्मचारी पर महिला अधिकारी को लगातार परेशान करने के आरोप थे। जांच के बाद कर्मचारी को उपनल मुख्यालय भेजते हुए सरेंडर करा दिया गया है।

महिला कर्मचारी की शिकायत पर यौन शोषण के आरोपों की भी जांच

सचिवालय में महिला कर्मचारियों से संबंधित एक अन्य मामला भी चर्चा में है। एक महिला कर्मचारी ने अपने अधिकारी पर यौन शोषण के आरोप लगाए हैं। शिकायत मिलने के बाद सचिवालय प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

फिलहाल जांच रिपोर्ट का इंतजार है। प्रशासन का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

महिला कर्मचारियों की सुरक्षा सर्वोपरि : युगल किशोर पंत

सचिवालय प्रशासन के सचिव युगल किशोर पंत ने स्पष्ट किया कि महिला कर्मचारियों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि शिकायत मिलने पर नियमानुसार जांच कराई जाएगी और तथ्यों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

सचिवालय में सामने आए इन मामलों ने महिला कर्मचारियों की सुरक्षा और कार्यस्थल पर सम्मानजनक वातावरण सुनिश्चित करने की व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए हैं। प्रशासन के सामने अब शिकायतों की निष्पक्ष जांच के साथ ही कार्यस्थल पर सुरक्षित माहौल बनाए रखने की चुनौती है।

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