देहरादून: भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष Nitin Naveen ने अपने उत्तराखंड प्रवास के दौरान संगठन को मजबूत करने के लिए नई रणनीति पर जोर दिया। उन्होंने संगठन की ऊपरी इकाई से लेकर बूथ स्तर तक कार्ययोजना को प्रभावी ढंग से लागू करने का रोडमैप तैयार किया।
सबसे पहले भाजपा कोर कमेटी के साथ हुई बैठक में संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत बनाने पर चर्चा की गई। भाजपा के 16 रणनीतिकारों के साथ हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया कि उत्तराखंड के 11 हजार से अधिक बूथ आगामी चुनावों में पार्टी के सबसे बड़े रणक्षेत्र होंगे।
Bharatiya Janata Party नेतृत्व का मानना है कि अब चुनाव सीधे बूथ स्तर पर तय होते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारी को पूरी तरह बूथ केंद्रित मॉडल पर खड़ा करने का प्लान तैयार किया। भाजपा की रणनीति के तहत सबसे पहले बूथों की समीक्षा की जाएगी। जिन बूथों पर पार्टी पिछली बार कमजोर रही, कम अंतर से हारी या जहां संगठन निष्क्रिय दिखाई दिया, वहां विशेष फोकस किया जाएगा। पार्टी हर बूथ को अलग चुनावी इकाई मानकर उसका विस्तृत राजनीतिक प्रोफाइल तैयार करेगी। इसमें जातीय, सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरणों के साथ स्थानीय मुद्दों का भी विश्लेषण किया जाएगा। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि किन क्षेत्रों में विपक्ष की पकड़ मजबूत है। रणनीति के तहत भाजपा कोर कमेटी के 17 सदस्य अगले तीन महीनों तक प्रदेश के 70 विधानसभा क्षेत्रों में दो-दो दिन का प्रवास करेंगे। इस दौरान वे बूथ कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर संगठन की स्थिति का आकलन करेंगे। भाजपा केवल चुनावी प्रचार तक सीमित नहीं रहना चाहती। पार्टी की योजना है कि बूथ कार्यकर्ता स्थानीय समस्याओं को सरकार तक पहुंचाने और उनके समाधान में भी सक्रिय भूमिका निभाएं। इससे संगठन और जनता के बीच सीधा संपर्क मजबूत होगा।
पन्ना प्रमुख व्यवस्था को मिलेगा और विस्तार
भाजपा पन्ना प्रमुख व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने की तैयारी में है। मतदाता सूची के हर पन्ने के लिए जिम्मेदार कार्यकर्ता तय किए जाएंगे, जो पूरे कार्यकाल के दौरान मतदाताओं से लगातार संवाद बनाए रखेंगे। पार्टी हर बूथ पर लगातार बैठकें, घर-घर संपर्क अभियान और छोटे स्तर के जनसंवाद कार्यक्रम चलाने की तैयारी कर रही है। पिछले चुनाव में भाजपा ने प्रत्येक बूथ पर 10 बैठकें करने का लक्ष्य रखा था, जिसे अब और अधिक विस्तार देने की योजना बनाई जा रही है।
डिजिटल मोर्चे पर भी मजबूत होगी भाजपा
WhatsApp ग्रुप, इंटरनेट मीडिया और आईटी नेटवर्क को भी बूथ स्तर तक सक्रिय करने की योजना बनाई गई है। भाजपा का मानना है कि अब चुनावी लड़ाई केवल मैदान में नहीं, बल्कि मोबाइल स्क्रीन और सोशल मीडिया पर भी बराबरी से लड़ी जा रही है। पार्टी हर विधानसभा क्षेत्र में डिजिटल नेटवर्क को सक्रिय कर विपक्ष के आरोपों और राजनीतिक नैरेटिव का तुरंत जवाब देने की रणनीति पर काम कर रही है। इसके लिए आईटी और सोशल मीडिया टीमों को भी बूथ स्तर तक मजबूत किया जाएगा।









